नगर परिषद में दो महीने सक्षम योजना के तहत काम करने वाली युवतियों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुरेश चौहान पर काम के दौरान प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर मंगलवार को युवतियों ने डीसी को शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि वह नगर परिषद कार्यालय में सक्षम योजना के तहत पिछले दो माह से काम कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने हाउस टैक्स, फैमिली आईडी और रेहड़ी लाइसेंस वितरण का काम किया है।
उन्होंने कहा कि जब वह कार्यालय में आती हैं तो नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी उनको कमरे में बुलाकर बदतमीजी से पेश आते हैं। इसके अलावा कार्यालय से बाहर जाने की धमकी देते हैं। कभी कहते हैं कि आपको कार्यालय में किसने बुलाया। इसके अलावा सितंबर में उनके द्वारा किए गए कार्य की हाजिरी भी नहीं लगाई और जब इसके बारे में कार्यालय में पूछने के लिए जाते हैं तो उनको मिलने का समय नहीं दिया जाता है। प्रतिदिन कई घंटे इंतजार करवाने के बाद उनको मिलने का समय दिया जाता है। इसके बावजूद अब दो माह बीतने के बाद भी उनके काम की हाजिरी लगाने से मना कर रहे हैं। इसको लेकर उनको प्रतिदिन चक्कर काटने पड़ रहे हैं। डीसी ने युवतियों को उनके द्वारा किए गए कार्य की हाजिरी लगवाने का आश्वासन दिया है।
आरोप बेबुनियाद
मुझे नहीं पता आरोप लगाने वाली लड़कियां कौन हैं और क्यों आरोप लगा रही हैं। मैं किसी भी सक्षम की हाजिरी तभी लगा सकता हूं, जब मैंने किसी को ज्वाइनिंग दी हो। ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं और सिर्फ कार्यालय को बदनाम करने का प्रयास है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगरपरिषद।