फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: मानवीय मूल्यों को भूल रही युवा पीढ़ी

Mon, 31 Mar 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
30जेएनडी04-नवरस नाट्य उत्सव के दौरान प्रस्तुति देते हुए कलाकार। स्रोत स्वयं - फोटो : संवाद
विज्ञापन
जींद। एक्टिव थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी ने सातवां तीन दिवसीय नवरस राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का दीवान बाल कृष्ण रंगशाला में आगाज किया। पहले दिन सार्थक रंगमंच पटियाला ने हाय हैंडसम का पंजाबी रूपांतरण कर लयो घियो नुं भंडा नाटक का शानदार मंचन हुआ। इसका निर्देशन डॉ. लख्खा लहड़ी ने किया ने किया। नाटक के माध्यम से नई पीढ़ी का अपने कॅरिअर बनाने की चाह में मानवीय मूल्यों को भूलकर अपने माता-पिता की उपेक्षा करना, उन्हें अकेलेपन की आग में डूबने के लिए छोड़ देना, दब्बू और गुलाम जैसे पति का अपनी आधुनिक पत्नी के सामने रोना-धोना और उनकी सारी बेतुकी बातें मानना, समझदार नौकर का अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना और अपना रवैया दिखाना, बुजुर्गों का अपने अकेलेपन को समाप्त करने के लिए एक विशेष उम्र में भी एक साथी की तलाश करना जैसी गंभीर मुद्दों को दिखाया गया।
विज्ञापन


मुख्य अतिथि के रूप में निजी संस्थान के निदेशक सुभाष श्योराण, डॉ. राजेश गर्ग, निजी स्कूल के प्राचार्य रवींद्र कुमार, मंगतराम शास्त्री, नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. सुरेश जैन, प्रवीण दुग्गल और रंगकर्मी रमेश भनवाला ने शिरकत की। मुख्य अतिथि सुभाष श्योराण ने कहा कि नाटक हमारे जीवन की लाइफ लाइन हैं। इस नाट्य उत्सव का मुख्य थीम पीस है। इससे समाज में सकारात्मकता का संदेश जाता है। नाटक समाज का आइना होता है। जो भी घटना समाज में घटित होती है, रंगमंच के कलाकार उसको आत्म विश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुत करते हैं। नाटक से समाज में सकारात्मक सोच का निर्माण होता है। युवा शक्ति में राष्ट्र प्रेम और उच्च स्तर के संस्कारों का निर्माण करता है। इस मौके पर भारत भूषण गर्ग, कृष्ण, सलेंद्र मोहन, सोहनदास, हिमानी गुप्ता, मंजू मानव, रामफल दहिया, कर्मपाल शास्त्री, मास्टर रमेश, दलबीर, ओमप्रकाश चौहान और राममेहर खर्ब भी मौजूद रहे।

30जेएनडी04-नवरस नाट्य उत्सव के दौरान प्रस्तुति देते हुए कलाकार। स्रोत स्वयं- फोटो : संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें