27जेएनडी19-योग करते हुए शिक्षक यशोद्धा आर्या। स्रोत स्वयं
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जींद। जींद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केमिस्ट्री विषय की शिक्षक यशोदा आर्या योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। वहीं राज्य स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं। यशोदा आर्या आठ साल की उम्र से ही योगा का अभ्यास कर रही है। यशोदा ने अपने पिता जोरा सिंह आर्य को ही गुरु माना और योग का अभ्यास शुरू किया।
डिवाइन योगा केयर संचालक जोरा सिंह दिशा-निर्देशन में अपनी मेहनत के दम पर यशोदा आर्य अब तक नेशनल लेवल पर 12 गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। पिछले साल हुए खेलों में भी रिदमिक पेयर और आर्टिस्टिक सोलो में सिल्वर और ब्रांज मेडल जीते थे। यशोदा आर्या ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में भी पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा नेशनल लेवल की फेडरेशन प्रतियोगिताओं में भी यशोदा के पांच मेडल हैं। यशोदा वर्तमान में जींद के अर्बन एस्टेट स्थित डिवाइन योगा पर प्रेक्टिस करती है और बच्चों को योग सीखाती है। वहीं पिछले दिनों खेल विभाग द्वारा आयोजित ऑल इंडिया सर्विसेज योगासन चैंपियनशिप 2025 में यशोदा आर्या ने दो गोल्ड जीते थे। 40 से 50 आयु वर्ग में भाग लेते हुए यशोदा आर्या ने ट्रेडिशनल और रिदमिक पेयर इवेंट में भाग लेते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। प्रतियोगिता में देश भर से 350 महिला-पुरुष भाग ले रहे थे। ओवरऑल ट्रॉफी भी हरियाणा के नाम रही थी।
योग को दिनचर्या में करना चाहिए शामिल
शिक्षक यशोद्धा आर्या ने बताया कि वह आठ साल से ही योग कर रही है। उनके पिता जोरा सिंह ने उन्हें योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। फिर उसने योग का अभ्यास शुरू किया। योग को सरकार की ओर से खेल कैटेगरी में शामिल करने पर उनका मनोबल बढ़ा। इसके बाद कई मेडल अपने नाम किए। यशोदा आर्या ने कहा कि विद्यार्थियों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।