एसडीएम को ज्ञापन सौंपती हुई छात्राएं।
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड से पिछले दिनों घोषित किए गए 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने शुक्रवार को शहर में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने बेहतर परीक्षा होने के बावजूद भी अच्छा परिणाम न आने की बात कही। इस दौरान प्रदर्शन करती छात्राओं की आंखों में आंसू आ गए। बाद में छात्राओं ने वीरेंद्र सांगवान को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने एसडीएम के सामने रोते हुए कहा कि सर हमारी परीक्षा बहुत अच्छी हुई थी, लेकिन परीक्षा के अनुसार उनका परिणाम अच्छा नहीं आया है। अब री-चेकिंग के नाम पर बोर्ड एक हजार रुपये की डिमांड कर रहा है। परिजन इस फीस को देने में समक्ष नहीं है। ऐसे में उनका कैरियर की शुरुआत होने के साथ ही चौपट होने के कगार पर पहुंच गया है। इसलिए री-चेकिंग के नाम पर ली जा रही फीस वापस की जाए। इस पर एसडीएम ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी डिमांड को शिक्षा मंत्री तक पहुंचाया जाएगा। छात्राओं ने चेतावनी दी कि अगर री-चेकिंग की फीस को वापस नहीं लिया तो मजबूर होकर वह एसडीएम कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर देंगी। छात्रा निकिता, सुकन्या, सोनाली, सीमा, शिनी, अंजली, मुस्कान, प्रीती, कोमल, सिमरन, अंकित, प्रीति, सुजाता ने कहा कि वे गरीब परिवारों से है, जहां दो वक्त की रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। उनके माता-पिता मजदूरी कर पढ़ा रहे हैं। अब उनसे री-चेकिंग के नाम पर एक-एक हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।
क्षेत्र में एक-दो स्कूल का परिणाम कम आ रहा है। इसमें स्कूलों को अपने स्तर पर भी शिक्षा स्तर सुधारने की जरूरत है। फिर भी जिन बच्चों को कोई शिकायत है या पेपर री-चेकिंग करवानी है, तो अपने स्कूल हेड के माध्यम से उच्चाधिकारियों को भिजवाएं। जिसको बोर्ड में भेजकर कार्रवाई करवाई जा सके। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हाल ही में घोषित 10वीं और 12वीं के परिणाम में कंपार्टमेंट प्राप्त विद्यार्थियों की जुलाई 2017 में होने वाली परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि निर्धारित की है। इसमें 25 मई से 13 जून तक 700 रुपये सामान्य शुल्क के साथ, 14 से 18 जून तक 700 रुपये, 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ देने होंगे। 19 से 23 जून तक 700 रुपये, 300 रुपये विलंब शुल्क के साथ देने होंगे। 24 से 28 जून तक 700 रुपये 1000 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन किया जा सकेगा। -डॉ. नरेश वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी सफीदों।
परीक्षा परिणामों से नाराज होकर छात्राओं का घर बैठे रो-रो कर बुरा हाल है। उनके बार-बार समझाने के बाद भी उनकी बेटियां गत पांच दिनों से रोटियां नहीं खा रही। मैं अपने पति के साथ मजदूरी कर बेटियों को शिक्षा दिला रही हूं। मेरे पास एक हजार रुपये देने के लिए नहीं है। इसलिए बोर्ड निशुल्क री-चेकिंग करवाए।
-अन्नू चौधरी, अभिभावक