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विश्व रंगमंच दिवस कल : गांधी तेरे देश में हांस्य नाटिका ने दिलाया रंगमंच में पहचान

Wed, 26 Mar 2025 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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25जेएनडी21-हरियाणवी फिल्म में अभिनय करते हुए रमेश भनवाला। संवाद
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जींद। विश्व रंगमंच दिवस कल यानी 27 मार्च को मनाया जाएगा। सिवाहा गांव में जन्मे रमेश भनवाला 24 वर्षों से अपने जीवन का मंच सजा रहे हैं। उनको जीवन के मंच पर रंग भरने की कला 9वीं कक्षा में जागृत हुई। उन्होंने 9वीं कक्षा में गांधी तेरे देश में हांस्य नाटिका में गांधी का अभिनय किया था, जिसमें उन्होंने खूब तालियां बटोरी थी। उसके बाद उन्होंने अपनी प्रतिभा को खुले और बड़े मंच पर दिखाने का सपना संजोया। इसके बाद रमेश भनवाला रंगमंच से जुड़े और उन्होंने रंगमंच को जिले में पहचान दिलाई।
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वह अब तक 19 नाटकों में अभिनय और 25 नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा के साथ हरियाणवी फिल्म कांड 2010 में काम किया है। दो साल पहले उनकी हरियाणवी फिल्म 12वीं आला प्यार आई थी, जिसमें उन्होंने लड़की के पिता का रोल अदा किया था, वहीं अखाड़ा में भी उनका रोल बेहतरीन रहा। उन दोनों फिल्मों में किए बेहतर अभिनय से उन्हें खास पहचान मिली। पिछले साल उनकी हरियाणवी फिल्म अखाड़ा अगेन, अग्निवीर, कांड-2010, काला कौन है रिलीज हो चुकी है। मानव इतिहास में सबसे पुराने कला रूपों में से एक, नाटक के महत्व को रेखांकित करने और लोकप्रिय बनाने के लिए 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत 1961 में की गई थी। यह रंगमंच न केवल दर्शकों का मनोरंजन करता है बल्कि दुनियाभर की संस्कृति और परंपरा को भी दर्शाता है। वहीं रंगकर्मी रमेश भनवाला का कहना है कि अपने जीवन में रंगमंच सभी को एक बार जरूर करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे अंदर आत्म विश्वास का संचार व प्रवाह होता है। नाटक अपने आप में कला का एक संपूर्ण रूप है। इसकी रूपरेखा में अभिनय, संवाद, कविता, संगीत आदि शामिल है।



वर्ष 1998 में कॉलेज पढ़ाई के साथ यूथ फेस्टिवल से जुड़े
शहर के राजकीय महाविद्यालय से रमेश भनवाला में स्नातक की डिग्री हासिल की। वर्ष 1998 में वे स्नातक की पढ़ाई करते-करते हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति संगठन से जुड़े। उसके बाद उसे कॉलेजों में होने वाले यूथ फैस्टिवल में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला, जहां उन्होंने बेहतर अभियान करते हुए इनाम जीते। वे अब पिछले नौ वर्षों से जिले में राष्ट्रीय नाट्य उत्सव और रंगमंच पर सेमिनार करते रहते हैं।
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