जुलाना। श्रम विभाग में सामने आए घोटाले का खामियाजा सीधे तौर पर पंजीकृत मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही और अनियमितताओं के चलते जांच प्रक्रिया को साइट बंद करके शुरू किया गया है। इससे हजारों मजदूर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
श्रम विभाग की साइट बंद होने के कारण मजदूर न तो पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर पा रहे हैं और न ही नवीनीकरण करा पा रहे हैं। शादी अनुदान, बच्चों की छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन भी अटक गए हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने समय रहते सभी दस्तावेज पूरे कर रखे थे, लेकिन आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहा।
लाभार्थी मजदूरों को वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य किया है। जब से ऑनलाइन सिस्टम शुरू हुआ है तब से जुलाना ही नहीं जिले का कोई भी अधिकारी वेरिफिकेशन नहीं कर रहा है। ऐसे में मजदूरों को समस्या हो रही है। सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाए मजदूरों को अपात्र घोषित कर रही है।
एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्क स्लिप के लिए 500 रुपये देने पड़ते थे तब कहीं जाकर उन्हें लाभ मिलता था।
बढ़ रही है समस्या
जुलाना निवासी राजबीर ने बताया कि शादी अनुदान और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं उनके लिए बेहद जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता बड़ी राहत होती है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण जरूरत के समय यह मदद नहीं मिल पा रही। कई परिवारों की बेटियों की शादियां तय हैं और छात्र पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं।
जुलाना निवासी पूनम ने बताया कि उसने उसकी बेटी के छात्रवृति के फार्म भरने थे और स्कूटी के लिए भी अप्लाई करना था, लेकिन साइट बंद होने के कारण उसे लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा उसको साइकिल और औजार का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
भवन निर्माण कामगार यूनियन के प्रधान सुभाष पांचाल का आरोप है कि विभागीय घोटाले में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय सिस्टम ही बंद कर दिया गया है। इससे आम मजदूर सजा भुगत रहा है। उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द श्रम विभाग की साइट को चालू कर मजदूरों को योजनाओं का लाभ दिया जाए।
05जेएनडी 10: पूनम ।
05जेएनडी 10: पूनम ।