जींद। जिले में तहसीलदारों की हड़ताल से दूसरे दिन भी तहसील में कामकाज ठप रहा। दूसरे दिन भी 90 रजिस्ट्री नहीं हुई। वहीं इंतकाल, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समेत करीब 450 फाइलें अटक गईं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही लोग तहसील कार्यालयों में विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे थे लेकिन कार्यालयों में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की गैरमौजूदगी के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कार्यालय में केवल कुछ कर्मचारी सीटों पर नजर आए लेकिन तहसीलदारों के बिना फाइलें आगे नहीं बढ़ सकीं। कई लोग दूरदराज से आए थे जिन्हें खाली कार्यालय देखकर मायूसी हाथ लगी।
तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री, इंतकाल, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि जरूरी कार्य नहीं हो पाए। खासकर जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जिन लोगों ने पहले से रजिस्ट्री के लिए तारीख तय कर रखी थी वे दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचे लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
किसानों और जमीन मालिकों के लिए इंतकाल अहम है। इसके बिना बैंक से ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य कानूनी कार्य पूरे नहीं हो पाते। इसी तरह आय प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाण पत्र न बनने से छात्रों, नौकरी के आवेदकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तहसीलदार दो दिनों से मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। जब तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
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सोमवार को हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद
दो दिनों से चल रही हड़ताल के सोमवार को समाप्त होने की उम्मीद है। यदि हड़ताल लंबी चली तो जिले में राजस्व कार्यों का बोझ और बढ़ सकता है। आमजन को उम्मीद है कि सरकार तहसीलदारों के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा ताकि सरकारी कामकाज पटरी पर लौट सके और लोगों को राहत मिल सके। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण लोगों को कार्य करवाने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
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तहसीलदार के हस्ताक्षर करवाने के लिए गए थे लेकिन तहसील में आने के बाद पता चला कि तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं। उसके एमपीएचडब्ल्यू डिप्लोमा में उसका नाम गलत है। उसे नाम ठीक करवाना है।-रविंद्र, गुलकनी
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परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा दिखाई गई है। जब वह मजदूरी करते हैं। इसको लेकर वह शपथ पत्र बनवाने के लिए आए थे लेकिन उसे पता चला कि तहसीलदार हड़ताल पर हैं। उनके हस्ताक्षर बिना शपथ पत्र नहीं बनेगा।-बलराज, पांडू-पिंडारा
वर्जन
दूसरे दिन भी तहसीलदार हड़ताल पर रहे। इसके कारण आम दिनों के मुकाबले कम काम हुए। हड़ताल से कामकाज प्रभावित हुआ है। -राजकुमार, जिला राजस्व विभाग अधिकारी, जींद
06जेएनडी14-तहसीलदार कार्यालय के बाहर इंतजार में खड़े लोग। संवाद
06जेएनडी14-तहसीलदार कार्यालय के बाहर इंतजार में खड़े लोग। संवाद