जींद। जिले के 62 गांव की जमाबंदी अपडेट का कार्य शुरू हो गया है। इन गांव की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। इसको लेकर नई जमाबंदी की प्रीटिंग का कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। 100 प्रतिशत पूरा होने के बाद जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट कार्य तेजी से शुरू हो पाएगा।
प्रदेश सरकार की हिदायत के अनुसार हर साल जिले की 20 प्रतिशत जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट करना होता है। इस बार में जिले के 62 गांव चुने गए हैं। पिछले 5 साल में जितनी भी जमीन खरीद-फरोख्त हुई है। राजस्व विभाग ने जमीन की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट करने का कार्य शुरू कर दिया है।
पिछले साल 61 गांव की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट किया गया। जमाबंदी के रिकाॅर्ड का कन्साइनमेंट (अपडेट) करने का फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी जमीन का इंतकाल निकलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जमीन से संबंधित किसी कार्य के लिए जमाबंदी की नकल से ही काम चल जाएगा। कोर्ट से संबंधित मामलों में जमानत के लिए भी इंतकाल के बजाय जमाबंदी नकल की जरूरत पड़ेगी।
इन गांव की जमीन का रिकॉर्ड होगा अपडेट
जींद ब्लॉक के 17 गांव की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट होगा। इसमें जींद, तेग बहादुर, लखमीरवाला, सिंधवीखेड़ा, बरसोला, पड़ाना, राजपुरा, झांझखुर्द, रूपगढ़, ईक्कस, बिरोली, ढिगाना, बरहा कलां, खरकरामजी, रामराय, किनाना और जाजवान हैं। अलेवा ब्लॉक के गोहिया, पेगां, जीवनपुर, बधाना, रायचंदवाला, नगूरां, थुआ और अलेवा गांव शामिल हैं। उचाना ब्लॉक के डूमरखा कलां, बड़नपुर, भगवानपुरा, उचाना खुर्द, काकड़ोद, बड़ौदा, घोघड़ियां और खटकड़ गांव हैं।
जुलाना ब्लॉक के लिजवाना खुर्द, गतौली और कमाचखेड़ा शामिल हैं। नरवाना ब्लॉक के सुरजाखेड़ा, लोहचब, खानपुर, लोन, सच्चाखेड़ा, सैंथली, धमतान साहिब, खरल, ढाबी टेकसिंह, पदार्थखेड़ा और गुरुसर गांव है। वहीं सफीदों ब्लॉक के सफीदों शहर, मलिकपुर, खेड़ा खेमावती, अंटा, निम्नाबाद, सिंघपुरा, हाट, ऐंचरा खुर्द, कलावती, ढाठरथ, रिटोली, रजाना, मोरखी, भंभेवा और भिड़ताना शामिल हैं।
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जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड को लेकर तकनीकी खामियां दुरुस्त कर दी हैं। वहीं विभाग कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे दी थी ताकि आगे जमाबंदी अपडेट में कोई परेशानी न आए।
-राजेश गौतम, प्रोग्रामर, जिला राजस्व विभाग जींद
जिले में जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट का काम शुरू हो या है। पूरे जिले में 62 गांव की जमीन की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट होगा। जमाबंदी की प्रीटिंग का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद।