प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को अलेवा और उचाना में 64 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। अलेवा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही जींद के बाईपास का निर्माण शुरू होगा।
जो कंपनी काम बीच में छोड़कर गई है, उसके खिलाफ भी सरकार कार्रवाई करेगी। वहीं, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री समय पर पहुंच गए, लेकिन लोग नहीं पहुंचे। बाद में नेताओं ने फोन कर लोगों को बुलाया और कार्यक्रम समाप्त होने के समय तक पंडाल भर गया।
सीएम खट्टर ने 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय महिला महाविद्यालय, 44 करोड़ रुपये की नहरी पेयजल योजना, उचाना में 4.26 करोड़ की लागत से बनने वाले अलेवा-थुआ सड़क मार्ग तथा उचाना में 3.80 करोड़ से अधिक की लागत से बनाए जाने वाले विश्राम गृह की परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने उचाना के एसडी महिला कॉलेज में आयोजित स्वामी गणेशानंद धर्मार्थ ट्रस्ट शिक्षण संस्थान के वार्षिक समारोह सुकृति समारोह में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल, पूर्व सांसद रामचंद्र बैंदा, जिलाध्यक्ष डॉ. ओपी पहल, महामंत्री अमरपाल राणा, स्वामी राघवानंद, डॉ. राज सैनी, सुरेंद्र बरवाला, संतोष दनौदा व संजीव बुआना सहित कई नेता मौजूद रहे।
विधायक प्रेमलता ने फिर उठाया भेदभाव का मामला
अलेवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उचाना से विधायक और बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता ने एक बार फिर जींद जिले के साथ भेदभाव का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि जींद में न सड़कें हैं, न स्वास्थ्य सवाएं हैं और न ही ढंग के कॉलेज हैं। यहां चार डॉक्टर आए थे, जो डेपुटेशन पर चले गए हैं। सरकार को सभी जिलों का बराबर विकास करने से पहले जींद जैसे जिले को अन्य जिलों के बराबर तो लाएं।
बीरेंद्र सिंह ने स्लिप देकर पत्नी को रोका
क्षेत्र की स्थिति बताते समय विधायक प्रेमलता काफी देर बोलती रहीं। इस दौरान उन्होंने लोगों से बिजली के बिल भरने से लेकर पानी बचाने तक का आह्वान किया। इस पर बीरेंद्र सिंह ने स्लिप देकर उन्हें समय की स्थिति बताई।
इस बार नहीं होगी खाद की कमी : धनखड़
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि पिछली सरकार ने जाने से पहले खाद का स्टॉक पूरा नहीं किया। इसी के चलते पिछली बार खाद की कमी हो गई थी। इस बार तीन लाख 73 हजार मीट्रिक टन खाद का स्टॉक है। कोई कमी नहीं होगी।
सीएलयू साबित करें तो राजनीति छोड़ने को तैयार: बीरेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा कहते हैं कि बीरेंद्र सिंह ने दो सीएलयू करवाई हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी एक भी सीएलयू साबित हो जाए तो वे राजनीति और मंत्री पद छोड़ने को तैयार हैं।
क्षेत्र के लोग मरोड़ में मरते हैं
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोग तो मरोड़ में मरते हैं। आज भी लोग बीरेंद्र सिंह को कहते हैं कि वे उन जैसे ही हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। बीरेंद्र सिंह ने ठेठ अंदाज में कहा कि ‘रै नंगड़ो, मैं उन जैसा कैसे हूं।’
जींद को बना देंगे कश्मीर
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे पूरे जिले के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे पांच साल उनका साथ दें, फिर देखना जींद को कश्मीर की तरह जन्नत बना देंगे।
भीड़ नहीं होने पर मंच से मांगी माफी
सुबह 11 बजे ही मुख्यमंत्री सभा स्थल पर पहुंच गए, लेकिन पंडाल खाली रहा। इस पर भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और मंच संचालक ओमप्रकाश थूआ ने सीएम से माफी मांगते हुए कहा कि लोग ये समझते हैं कि नेता देरी से आते हैं।
इसलिए लोग देरी से आएंगे। इसी दौरान नेताओं ने फोन कर लोगों को बुलाया और करीब एक घंटे में पंडाल भर गया। बीरेंद्र सिंह ने भी मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कितनी कुर्सियां खाली या भरी हैं, इस बात से खबर नहीं होती।
एक-एक पाई और एक-एक मिनट का देंगे हिसाब
कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि सरकार लोगों को एक-एक पाई और एक-एक मिनट का हिसाब देगी। उन्होंने कहा कि, ‘हम आपके लिए काले बैल की तरह काम करेंगे।’
सुरेंद्र बरवाला के गोत्र पर चुटकी
कार्यक्रम के शुरू में ही विधायक प्रेमलता ने कहा कि जींद से चुनाव लड़ने वाले सुरेंद्र बरवाला उनके ही गौत्र के हैं। इसके बाद जब कृषि मंत्री ओपी धनखड़ बोले तो उन्होंने कहा कि प्रेमलता ने गौत्र नहीं बताया। उन्होंने चुटकीले अंदाज में कहा कि सरकार ने नारे और ढांडों (बैलों) के लिए भी कानून बनाया है। सिलसिला यहीं नहीं थमा।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनके नाम के साथ खट्टर नहीं लगाया जाए, मैं भी बिना गौत्र का ही हूं, लेकिन ये ढांडे आ गए। उन्होंने कहा कि अब वे बरवाला को साला कहें या क्या कहें। मुख्यमंत्री ने भी इस कड़ी को जारी रखा और नारा व ढांडा गौत्र पर ठेठ हरियाणवी में चुटकुला सुनाया। सीएम ने अपनी भाषण की शुरुआत ही यहां से की।
बीरेंद्र सिंह और सीएम के भाषण के दौरान हंगामा
जिस समय केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और सीएम बोल रहे थे लुदाना निवासी एक व्यक्ति ने हंगामा किया। बीरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हुए गड़बड़झालों की बात कर रहे थे। एक व्यक्ति ने कहा कि आपकी सरकार में कुछ लोग हरिजन सोसायटी की नूजल लैंड पर कब्जा कर रहे हैं।
उस व्यक्ति ने दावा कि कब्जा करने वाले भाजपा के नेता हैं। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उसे बैठा दिया। सीएम के भाषण के दौरान व्यक्ति ने फिर से हंगामा किया। इस पर सीएम ने मंच से कहा कि वे स्थानीय नेताओं को अपनी बात बता दें। सुरक्षाकर्मियों ने फिर से उसे बैठा दिया।
नरवाना में भी आओ मुख्यमंत्री जी
पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम बागड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आप उचाना में तीन बार आ चुके हैं, लेकिन नरवाना में एक बार भी नहीं आए हैं। वहां भी आओ और विकास योजनाओं को शुरू करो।
भाजपा कार्यकर्ताओं को बेइज्जत करते हैं अधिकारी
जुलाना विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार रहे संजीव बुआना ने मंच से सीएम को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को बेइज्जत करते हैं। इस पर पंडाल में बैठे लोगों तालियां बजाई।
बीरेंद्र ने रामबिलास से पूछा, के करण गया था चाइना
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा जिस समय कार्यक्रम में पहुंचे, बीरेंद्र सिंह बोल रहे थे। जैसे ही वे मंच पर आए, बीरेंद्र सिंह ने बीच में अपना भाषण बंद कर रामबिलास शर्मा ने पूछा, पंडित के करण गया था चीन म्है, कोए हिंदी बोलै है। इस पर रामबिलास शर्मा ने कहा कि वे वहां हिंदी सिखाने गए थे।
केएमपी से लाखों को मिलेगा रोजगार
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण कुंडली-मानेसर-पलवल हाईवे चार साल से लटका पड़ा था। अब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि जो भी फैसला होगा, वह सरकार को मान्य होगा। इस हाईवे के बनने से प्रदेश में उद्योग आएंगे और प्रदेश के लोगों युवाओं को नौकरी मिलेंगी।