23जेएनडी22-डीआरडीए हाल में अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए म
जींद। अहिल्याबाई होलकर की 300 वी जयंती पर शुक्रवार को डीआरडीए हाल में जिला संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें मुख्यातिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष एडवोकेट तेजेंद्र ढुल ने शिरकत की। इस दौरान अतिथियों ने माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर उन्हें याद किया। मंच संचालन जिला महामंत्री डॉ. राज सैनी ने किया।
सांसद सुभाष बराला ने कहा कि पिछली सरकारों में महिलाओं के भागीदारी को अनदेखा किया गया। लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने दो महिला अधिकारियो को ही मिशन सिंदूर की जिम्मेदारी दी। प्रधानमंत्री मोदी सदैव कहते हैं कि महिलाओं की भागीदारी के बिना हम विकसित भारत की कल्पना नहीं कर सकते हैं।
जो सपना 300 वर्ष पूर्व माता अहिल्या बाई होल्कर ने देखा था मोदी आज महिलाओं को सम्मान देकर एक स्वस्थ सशक्त समाज की नींव रख रखते हुए उस सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं। माता अहिल्याबाई होल्कर एक गरीब परिवार से थीं लेकिन उन्होंने महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम किया। उनके अधिकारों के लिए हमेशा लड़ती रहीं और महिलाओं के जीवन में अनेक सुधार लाने का काम किया।
इस अवसर पर पूर्व मेयर पानीपत अवनीत कोर, कविता शर्मा, राहुल राणा मौजूद रहे।
सामान्य परिवार में जन्मीं थी अहल्याबाई
डॉ. अनुराधा सैनी ने महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए बताया कि अहिल्याबाई होलकर एक सामान्य परिवार में जन्मीं थीं उनके जीवन का संघर्ष हम सबको जानना चाहिए। अहिल्या बाई होल्कर केवल एक शासिका नहीं थीं, वे धर्म, न्याय, सेवा और स्त्री शक्ति का प्रतीक भी थीं। अहिल्याबाई होलकर की जयंती के मौके पर उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में हमें जानना चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढुल ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया।