संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। महिला थाना प्रभारी मोनिका ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की विस्तृत जानकारी दी। कहा, छेड़छाड़, उत्पीड़न या हिंसा की स्थिति में महिलाएं बिना डरे पुलिस की सहायता लें। उन्होंने कामकाजी महिलाओं से हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए।
सोमवार को अमर उजाला कार्यालय में हुए अपराजिता कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी मोनिका और अधिवक्ता प्रीति शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कानूनी प्रावधान भी बताए।
अधिवक्ता प्रीति शर्मा ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम (पॉश एक्ट) की जानकारी दी। बताया, यह कानून कार्यालय, संस्थान या किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने यौन उत्पीड़न की परिभाषा और उसमें शामिल व्यवहार भी बताए। शिकायत की प्रक्रिया भी समझाई। साथ ही, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और उसकी जरूरत पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर नरेश कुमारी, समाज कल्याण विभाग से रेखा, पूजा, मीनाक्षी, सरोज आदि महिला कर्मचारी मौजूद रहीं।
विधिक सेवा प्राधिकरण की लें मदद
अधिवक्ता प्रीति ने बताया कि जिन महिलाओं के पास पैसे नहीं हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिये मुफ्त कानूनी सहायता ले सकती हैं। उन्हें मुफ्त में अधिवक्ता मिलेंगे।