बिना मस्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखते हुए बस में बैठे यात्री। संवाद
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रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाएं अपने अपने भाइयों को राखी बांधने जा सके, इसके लिए सरकार ने उनको और उनके साथ 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी है। 21 अगस्त को दोपहर 12 बजे के बाद से लेकर 22 अगस्त को पूरा दिन महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का आदेश दिया था। वहीं कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सोशल डिस्टेंस व मास्क का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ-साथ केवल 50 प्रतिशत यात्रियों को ही लेकर जाने की अनुमति थी। लेकिन महिला यात्री फ्री यात्रा के चक्कर में कोविड नियमों का पालन करना भूल गईं। उन्होेंने न तो सोशल डिस्टेंस का पालन किया और न ही मास्क लगाए। ऐेसे में महिलाएं फ्री यात्रा के चक्कर में कोरोना संक्रमण को दावत दे रही हैं। इतना ही नहीं महिलाएं अपने साथ 15 साल तक के बच्चों को साथ लेकर आईं। इससे बच्चों के भी संक्रमित होने का डर लगा रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जाहिर की है, जिसमें बच्चों के संक्रमित होने का खतरा है। ऐसे में महिलाओं की लापरवाही खुद के साथ-साथ उनके बच्चों पर भी भारी पड़ सकती है। क्योंकि शनिवार को ज्यादातर महिलाएं व अन्य यात्री बिना मास्क के यात्रा करते नजर आए थे।
कोविड नियमों का ध्यान रखें यात्री
रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में महिलाओं की सुविधा के लिए शनिवार दोपहर बाद से लेकर रविवार को पूरे दिन फ्री बस चलाई जाएंगी। महिलाओं व अन्य यात्रियों को चाहिए कि वह कोविड नियमों का पालन अवश्य करें। जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ती रही, बसों को भेजा जा रहा था। रविवार को भी महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -गुलाब सिंह दूहन, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
बस स्टैंड परिसर में मौजूद यात्रियों की भीड़। संवाद- फोटो : Jind
सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर बस में चढ़तीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind