नरवाना/हिसार। जींद जिले के नरवाना स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार रात प्रसव के बाद 26 वर्षीय पूजा की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद हिसार के नागरिक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने निजी अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर और एक आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही के आरोप लगाकर उन पर कार्रवाई करने की मांग की।
नरवाना निवासी सुखदेव ने बताया कि फरवरी 2023 में बहन पूजा की शादी हिसार के सीसवाला निवासी रोहताश के साथ हुई थी। दस दिन पहले पूजा को डिलीवरी के लिए मायके लेकर आए थे। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रसव पीड़ा होने पर पूजा को नरवाना के नागरिक अस्पताल लेकर गए। वहां से आशा कार्यकर्ता पूजा को नागरिक अस्पताल के सामने निजी अस्पताल में लेकर गई। महिला चिकित्सक ने कहा कि बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा। 60,000 रुपये से अधिक का खर्चा आएगा।
सुखदेव ने बताया कि अस्पताल स्टाफ पूजा को रात आठ बजे अस्पताल में ले गया। वहां उनकी बहन ने बच्ची को जन्म दिया। करीब 20 मिनट बाद बाहर ले आए। चिकित्सक ने कहा कि पूजा की हालत गंभीर है। इसे दूसरे अस्पताल में ले जाओ। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के बाद सही तरीके से टांके भी नहीं लगाए। पूजा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे एंबुलेंस से हिसार लेकर आए। यहां एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो चिकित्सकों ने पूजा की गंभीर हालत को देखते हुए उपचार करने से मना कर दिया।
वह पूजा को नागरिक अस्पताल लाए। वहां पर चिकित्सकों ने बहन को मृत घोषित कर दिया। इससे आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को हिसार के नागरिक अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। उनका कहना था कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण पूजा की मौत हुई है। नरवाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों का कहना है कि नरवाना में डिलीवरी के दौरान निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने लापरवाही बरती जिसके कारण पूजा की मौत हो गई। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।