जींद। स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश की अध्यक्षता में झांझ कलां व जलालपुर खुर्द गांव में रैपिड फीवर मास सर्वे किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों और टीबी से बचाव के बारे में बताया गया।
सुपरवाइजर ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लार्वा की जांच करने के साथ बुखार पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिका बनाई है। टीबी से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए छतों पर पड़े कबाड़ को उठा लें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय के कर्मचारियोें ने रामराय गांव में सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में डेंगूरोधी माह मनाया। इस दौरान ग्रामीणों को डेंगू बुखार के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके बताए गए। एमपीएचडब्ल्यू सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में इस बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव व रोकथाम के लिए कुछ उपाय किया जा सका है।
उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार में एकाएक तेज ज्वर, सिरदर्द, आंख में दर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द तथा शरीर में दर्द होता है। इस रोग से बचाव के लिए घर में कूलर, बाल्टी, घड़े के पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य बदलते रहें। गड्ढों में जहां पानी इकट्ठा हो वहां पर मिट्टी भर दें।
यदि मिट्टी डालना संभव न हो तो उस गड्ढे के पानी में कुछ मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें। सोते समय यथासंभव मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं साफ रखें। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी कुलदीप, बजरंग व संदीप कुमार मौजूद थे।
02जेएनडी03: रक्त के सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत विभाग
02जेएनडी03: रक्त के सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत विभाग