संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। एमरजेंसी वार्ड में करीब 15 मिनट तक अंधेरा छाया रहा। इससे चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात ऐसे बन गए कि डॉक्टरों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर मरीजों का उपचार करना पड़ा। अस्पताल में अचानक बिजली चली जाने के बाद अस्पताल में लगा जनरेटर भी तुरंत शुरू नहीं हो पाया। इससे एमरजेंसी में भर्ती मरीजों के उपचार में बाधा उत्पन्न हुई। गंभीर हालत में लाए गए मरीजों से लेकर उपचार के लिए पहुंचे अन्य लोगों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
अंधेरे के कारण न तो जरूरी जांच ठीक से हो पा रही थी और न ही दवा का प्रबंध सुचारु रूप से किया जा सका। एमरजेंसी वार्ड में मौजूद मरीजों के परिजनों में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी देखी गई।
अस्पताल में मरीजों के साथ आए परिजन अशोक, विनोद व नरेश ने कहा कि नागरिक अस्पताल में बिजली और बैकअप व्यवस्था का दुरुस्त न होना बेहद चिंताजनक है। मरीजों के इलाज में थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बिजली जाने के तुरंत बाद तकनीशियन को बुलाया गया। लगभग 15 मिनट में तकनीशियन ने जनरेटर को चालू किया। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई और एमरजेंसी सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो सकीं।
-
बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत तकनीशियन को बुला लिया था। इसको ठीक करने में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लगा। इसको लेकर तकनीशियन को भी चेताया गया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बने। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
18जेएनडी27: नागरिक अस्पताल में लाइट जाने पर मोबाइल की रोशनी में दवाई लिखते हुए चिकित्सक। संवाद