बुधवार को संजय का शव जैसे ही गांव पहुंचा, गांव में मातम का माहौल छा गया। संजय के परिजन फूट-फूटकर रो रहे थे। नम आंखों के साथ संजय को सलामी दी गई, उसके बाद राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया।
इस मौके पर रोहतक के एसपी शशांक आनंद भी मौजूद रहे। हेड कांस्टेबल संजय रोहतक सीआइए में ड्राइवर के पद पर तैनात था।
पुलिस के अनुसार सीआईए-1 थाने में उनके साथ तैनात रोहताश के साथ किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एएसआई रोहताश ने हेड कांस्टेबल संजय को गोली मार दी, जिससे संजय की मौत हो गई।
इस दौरान एएसआई रोहताश ने खुद को भी गोली से उड़ा लिया। प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच जातीय टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। विवाद में रोहताश ने पहले संजय के हाथ-पैर तोड़ दिए।
इसके बाद रोहताश ने रिवाल्वर से संजय को गोली मारकर खुद को भी गोली मार ली। संजय के भाई नरेश ने साजिश के तहत हत्या किए जाने का आरोप लगाते कहा कि इस हत्या में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल हो सकता है।
संजय के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से जांच की मांग की है। मृतक संजय के दो बच्चे हैं। बेटा अजय आठवीं कक्षा में तथा बेटी दीपांशु छठी कक्षा में पढ़ती है, रेनु गृहणी हैं।