अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव बराह खुर्द निवासी सुशीला पत्नी कर्मबीर ने 24 नवंबर 2014 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि था कि उसका बेटा दीपक अडानी ग्रुप में ठेकेदार के अधीन बिजली लाइन पर कार्य करता था।
रात को वह ड्यूटी पर जाने की बात कहकर गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी। 27 नवंबर 2014 को लापता युवक दीपक का शव गांव रधाना के निकट सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की लाइन में पड़ा हुआ मिला था।
इस दौरान युवक दीपक का मुंह को बांधा हुआ था। पुलिस ने मृतक के पिता कर्मबीर की शिकयत पर हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस जांच के दौरान हत्या के मामले में गांव बराह खुर्द निवासी केवल सिंह तथा गांव सिंधवीखेड़ा निवासी नवदीप का नाम सामने आया।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि आरोपी केवल सिंह को शक था कि युवक दीपक उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है।
इसी के चलते योजनाबद्ध तरीके से केवल सिंह ने अपने साथी नवदीप के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को ट्रीटमेंट प्लांट के नाले में डाल दिया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था।
अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी गांव बराह खुर्द निवासी केवल सिंह को उम्रकैद तथा शव को खुर्द बुर्द करने में सहयोग करने पर गांव सिंधवीखेड़ा निवासी नवदीप को दो साल की सजा सुनाई है।