नरवाना। सर्दी ने दस्तक दे दी है और सुबह-शाम ठिठुरन तेजी से बढ़ रही है। हालात ये हैं कि शहर के कई इलाकों में लोग सुबह-सवेरे अलाव का सहारा लेते दिखाई देते हैं लेकिन बढ़ती ठंड के बीच नरवाना शहर में रैन बसेरों का नदारद होना बेघर, मजदूर और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।
नगर परिषद नरवाना की ओर से अब तक किसी भी प्रकार का अस्थाई रैन बसेरा न बनाए जाने पर शहरवासियों और जरूरतमंदों में रोष है। शहर में रात्री आश्रय की व्यवस्था न होने के कारण लोग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की शरण लेने को मजबूर हैं।
देर रात और तड़के सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर कई लोग ठंड से बचने के लिए फर्श पर लेटे दिखाई दिए। जब इनमें से कुछ लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ठंड गिरने के बावजूद प्रशासन की ओर से रैन बसेरा उपलब्ध नहीं करवाया गया है।
लोगों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद ठंड तेजी से बढ़ने लगती है और रात आठ बजे के करीब ठंड ज्यादा हो जाती है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे सोना मुश्किल ही नहीं, बल्कि खतरे से खाली भी नहीं है। मजबूरी में वे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और दुकानों के शेड के नीचे रात गुजारते हैं। कई बार रेलवे पुलिस उन्हें प्लेटफॉर्म खाली करने के लिए हटा देती है लेकिन उनके पास जाने की कोई दूसरी जगह नहीं होती।
जरूरतमंदों ने नगर परिषद नरवाना से मांग की है कि ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए शहर में तुरंत अस्थायी रैन बसेरे स्थापित किए जाएं, ताकि मजदूरों, बेघरों और राहगीरों को राहत मिल सके।
लोगों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी ठंड बढ़ चुकी है लेकिन नगर परिषद की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शहरवासियों ने उम्मीद जताई कि नगर परिषद जल्द निर्णय लेकर जरूरतमंद लोगों के लिए सुरक्षित रात्रि आश्रय की व्यवस्था करेगी।
नगर परिषद द्वारा रेलवे स्टेशन नजदीक पब्लिक धर्मशाला में रैन बसेरा बनाया गया था लेकिन वहां पर बिल्डिंग में तोड़फोड़ का कार्य चल रहा है जिसकी वजह से वहां से रैन बसेरा हटाना पड़ा फिलहाल रैन बसेरा बनाने के लिए नगर परिषद जगह देख रही है जल्द ही लोगों की सुविधा के लिए रैन बसेरा बनाया जाएगा।
–सुदीप, एसआई, नगर परिषद नरवाना।