संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की कोर्ट ने रिंपी भाटिया (28) की हत्या में पत्नी पायल और उसके पानीपत निवासी प्रेमी हरप्रीत उर्फ हैप्पी को दोषी करार दिया है। इन्हें 13 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। तीसरा आरोपी नाबालिग है। उसका केस किशोर बोर्ड में चल रहा है।
सफीदों के वार्ड-6 स्थित हाजी वाला कुआं निवासी शांति रानी ने सात साल पहले बेटे रिंपी की हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, 24 सितंबर 2019 की रात 10 बजे बहू पायल से झगड़ा होने पर बेटा रिंपी घर से चला गया था। पीछे से बहू भी गई और दो घंटे बाद लौट आई।
काफी खोजबीन पर भी बेटे का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन बहू भी घर से चली गई। मां ने पहले बेटे की गुमशुदगी लिखाई। फिर, दूसरी शिकायत में बहू पायल, पानीपत के कुलदीप नगर निवासी उसके प्रेमी हरप्रीत उर्फ हैपी व एक किशोर पर हत्या करने का आरोप लगाया।
इस बीच, हांसी पुलिस ने 28 सितंबर को पुथी समैन गांव के पास जुई नहर में रिंपी का शव बरामद किया। मां ने आरोप लगाया कि बहू, अपने प्रेमी हरप्रीत व किशोर से तीन-चार महीने से रिलेशनशिप में थी। दोनों घर भी आते-जाते थे। इसी से बेटा का बहू से झगड़ा होता था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगा कि सिर पर ईंंट मारकर रिंपी की हत्या की गई थी। आत्महत्या दिखाने के लिए शव नहर में फेंक दिया था। आरोपियों ने कोर्ट में दलील दी कि जिस जगह हत्या का दावा है, वहां से हर वक्त वाहन गुजरते हैं। वहां घटना होती तो कोई न कोई देख ही लेता।
हालांकि, बचाव पक्ष की कोर्ट में यह दलील टिक नहीं पाई। कोर्ट ने वीरवार को दोनों को दोषी करार दिया। जमानत पर चल रहे दोनों दोषियों को कस्टडी में भी ले लिया गया है। इन्हें अब 13 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।