जींद। एक अप्रैल से गेहूं फसल का सीजन शुरू हो गया है। जिले में अगले सप्ताह से गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद अनाज मंडियों में भी गेहूं की आवक होगी। वहीं प्रदेश के 1280 किसानों को गेहूं बेचने में परेशानी आएगी, क्योंकि इन किसानों का 38,877 एकड़ का डाटा मिसमैच है।
प्रदेश के राजस्व विभाग ने अभी तक इस मिसमैच एरिया को ठीक नहीं किया है। ऐसे में जिन जिलों में गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है उन जिलों में फसल का डाटा मिसमैच होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि फरीदाबाद और रोहतक जिला के डाटा मिसमैच की समस्या का समाधान हो चुका है और वहां आंकड़ा शून्य हो गया है।
वहीं जिला जींद चौथे स्थान पर है और अंतिम पायदान पर मेवात जिला है जिसका डाटा मिसमैच का आंकड़ा 19,923 एकड़ है। किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रबी की फसलों का पंजीकरण कराया हुआ है। इसके बाद फसलों की गिरदावरी अलग-अलग तरीके से करवाई जाती है।
शुरुआत में हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) सेटेलाइट के माध्यम से गिरदावरी होती है। इसके बाद कृषि विभाग, राजस्व विभाग के अलावा किसान जो अपनी फसलों का पोर्टल पर पंजीकरण करवाते हैं। गिरदावरी के दौरान फसलों का डाटा मिसमैच होने से अब जिला राजस्व विभाग गिरदावरी करेगा और अन्य की गई गिरदावरी से मिलान किया जाना है।
अब जिले के राजस्व विभाग के अधिकारियों को डाटा मिसमैच की त्रुटियां ठीक करने में गंभीरता दिखानी होगी। यदि उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई तो किसानों को फसल बेचने के लिए मार्केट कमेटी, जिला राजस्व विभाग और पटवारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
बॉक्स
जिला एरिया पंजीकरण एकड़ में मिसमैच एरिया पेंडिंग मिसमैच एरिया
अंबाला 264141 54319 18
भिवानी 616,090 368297 3445
फरीदाबाद 44834 32338 00
फतेहाबाद 481669 191698 605
गुरुग्राम 103978 36394 524
हिसार 685892 417141 8222
झज्जर 270855 138417 105
जींद 443074 143676 04
कैथल 447,078 49398 03
करनाल 494,575 65,684 20
कुरुक्षेत्र 334,636 39,162 123
महेंद्रगढ़ 344,826 105,077 1910
पंचकूला 50,380 24463 359
पानीपत 164,994 87950 14
रेवाड़ी 243868 101358 1383
रोहतक 238,762 135038 00
सिरसा 797819 380452 34
सोनीपत 266,572 12418 36
यमुनानगर 284,966 117330 156
मेवात (नूंह) 274,217 177841 19923
पलवल 227,408 140891 1242
चरखी दादरी 267,928 164269 741
कुल 7348573 3083621 38877
वर्जन
डाटा मिसमैच के सुधार के लिए विभाग गंभीर है। जिले में फसल के डाटा मिसमैच की समस्या का लगभग समाधान कर दिया है। अब किसानों को रबी की फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद