जींद। इस साल जिले में 5.45 लाख एकड़ में गेहूं फसल की खरीद एक अप्रैल से 39 मंडियों में होगी। इसकी प्रशासनिक स्तर पर मंडियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर एजेंसियों को मंडियां अलॉट कर दी गई हैं। खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलाने के लिए बारदाना, उठान व लेबर के टेंडर जल्द शुरू किए जाएंगे। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शहर की अनाज मंडी समेत अन्य मंडियों में साफ-सफाई का काम जारी है। जींद अनाजमंडी में पेचवर्क भी जारी है ताकि गेहूं व सरसों की फसल को मंडी में लेकर आने वाले किसानों को परेशानी न आए। इसके अलावा मंडी में लाइटिंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था दुरूस्त करवाई गई है। अब मंडी में गेट पास काटने के लिए कर्मचारियों के मिलने का इंतजार मार्केट कमेटी को है।
यह कर्मचारी एचकेआरएन के तहत भर्ती किए जाते हैं। इनकी डिमांड भी मंडी प्रशासन ने भेजी हुई है। शहर की अनाज मंडी में तीन मुख्य गेट हैं। जहां से किसान फसल लेकर आते हैं। इनको भी खुलवाया गया है। सभी गेट पर चौकीदारों की ड्यूटी लगाई गई है। सीजन के दौरान मंडियों में किसानों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है, इसलिए स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस बार सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है जबकि मंडियों में निजी स्तर पर सरसों करीब 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। ऐसे में कई किसान फिलहाल निजी व्यापारियों को ही सरसों बेच रहे हैं।
जिनका ब्यौरा पंजीकरण उनकी खरीद जल्दी
जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाया है। उनकी सरसों की सरकारी खरीद भी जल्द शुरू की जाएगी। वहीं गेहूं की फसल भी मंडी में वही किसान बेच सकेंगे। जिन्होंने पोर्टल पर फसल का ब्यौरा ऑनलाइन करवाया है। उनको समस्या नहीं आएगी।
मंडी व खरीद केंद्र अलॉट
खरीद प्रक्रिया के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, एफसीआई और अन्य एजेंसियों को अलग-अलग मंडियां और खरीद केंद्र अलॉट किए गए हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से किसानों की फसल की खरीद की जाएगी। मंडियों में तौल, भुगतान और फसल उठान की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इन मंडियों में होगी सरसों की सरकारी खरीद
जिले में जींद, उचाना, जुलाना, नरवाना और सफीदों, पिल्लूखेड़ा व अलेवा मंडी में सरसों की खरीद की जाएगी। सरसों की फसल जिले में कम होने के कारण खंड स्तर पर मंडियां उपलब्ध करवाई गई हैं। जिस क्षेत्र में सरसों की बिजाई नहीं की गई। वह मंडियां सरसों के लिए अलॉट नहीं की गई।
इन अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
जिले के जींद, जुलाना, पुरानी अनाज मंडी जुलाना, काब्रछा, खरकरामजी, खरल, लुदाना, मांगलपुर, मनोहरपुर, मुआना, ऐंचरा कलां, अलेवा, बेलरखां, छात्तर, दनौदा कलां, ढाठरथ, धमतान साहिब, धनोरी, डिडवाड़ा, फरैण कलां, फतेहगढ़, गढ़ी, घोघड़ियां, हाट, नगूरां, नरवाना, फूलिया कलां, पिल्लूखेड़ा, राजपुरा, सफीदों, सफीदों साइलो, शामलो कलां, सिवानामाल, सुदकैन खुर्द, उचाना, पुरानी अनाज मंडी उचाना, उझाना, भंभेवा, भंभेवा साइलो व धनखड़ी में गेहूं की खरीद की जाएगी। अलग-अलग एजेंसियां अलग-अलग दिन गेहूं की खरीद करेंगी।
इस बार खरीद सीजन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। मंडियों में सफाई के साथ-साथ सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सके। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए अधिकारिक तौर पर पत्र जारी नहीं हुआ है। समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश मिले थे। मंडी में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद