जींद। अनाज मंडियों में गेहूं का उठान नहीं होने से गेहूं के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। उठान नहीं होने का कारण पोर्टल नहीं चल पाना है। इस कारण गेट पास नहीं कट रहे हैं जिससे गेहूं का उठान रुक गया है। यदि दो-तीन उठान नहीं हुआ तो किसानों को गेहूं डालने के लिए जगह नहीं बचेगी।
जिले में अब तक 52,33,560 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है जबकि 22,97, 820 क्विंटल की खरीद हुई है लेकिन 1,09,537 क्विंटल का उठान हो चुका है। तकनीकी समस्या के चलते गेहूं का उठान तरह प्रभावित हो रहा है जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
साइट नहीं चलने के कारण जहां एक ओर गेहूं की खरीद प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। वहीं दूसरी ओर किसानों को भुगतान भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। इससे मंडियों में गेहूं के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
किसान रामकुमार, सुशील, रामकिशन, रामभज का कहना है कि कई दिनों से उनकी फसल खरीदी तो जा रही है लेकिन उठान नहीं हो पा रहा। ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री और आगे की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण ठेकेदार और एजेंसियां गेहूं उठाने में असमर्थ हैं। इसके चलते मंडियों में जगह की कमी होने लगी है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
यदि इसी तरह दो-तीन दिन और उठान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूर होकर अपनी फसल मंडी के बाहर डालनी पड़ेगी। इससे न केवल फसल के खराब होने का खतरा बढ़ेगा बल्कि चोरी और नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है क्योंकि उन्हें अगली फसल और घरेलू जरूरतों के लिए पैसों की जरूरत है।
वर्जन
पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। कुछ गाड़ियों को मैन्युअल गेट पास काटकर निकाला जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा ताकि किसानों को परेशानी न हो।
-अनुराग गुप्ता, डीएम, हेफेड