जींद। जरूरत परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अब जिले के करीब 2200 उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसी उपभोक्ता का गैस कनेक्शन ट्रांसफर नहीं हो रहा तो किसी के कनेक्शन में दर्ज त्रुटियां भी ठीक नहीं हो पा रही हैं। लोग दो से तीन साल से गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाकर उन्हें धुएं से राहत दिलाना था। जिले में वर्तमान में 52,765 उपभोक्ता उज्ज्वला योजना से जुड़े हुए हैं। हजारों उपभोक्ताओं की शिकायतों का लंबे समय से समाधान नहीं होना योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी दिक्कत कनेक्शन ट्रांसफर कराने और रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों को दुरुस्त करवाने की है। शादी के बाद पता बदलने, परिवार के किसी दूसरे शहर में बसने या रोजगार के कारण स्थान बदलने वाले उपभोक्ता अपना कनेक्शन ट्रांसफर नहीं करवा पा रहे हैं।इसी तरह नाम, पता या अन्य विवरण में गलती होने पर उसे ठीक करवाने के लिए भी उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
शिकायतों के समाधान के लिए उपभोक्ता लगातार गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। जिले में चार हजार से अधिक उज्ज्वला उपभोक्ताओं के कनेक्शन विभिन्न कारणों से अटके हुए हैं। इनमें कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी शिकायतें पिछले करीब दो साल से लंबित पड़ी हैं।
क्या बोले लोग...
वह कई दिनों से कनेक्शन ट्रांसफर करवाने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। एजेंसी संचालक ने मुझे बताया कि सरकार ने कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया बंद की हुई है।
-मंजू, सफीदों रोड, जींद
उनकी मां की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। उज्ज्वला योजना के तहत उनके नाम पर जारी गैस कनेक्शन को परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम करवाने के लिए वह कई बार एजेंसी जा चुकी हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-पूर्णिमा, आरा रोड जींद
वर्जन
खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के निरीक्षक अमित सैनी के बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी कनेक्शन न तो ट्रांसफर होगा न ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम किया जाएगा। यदि कनेक्शन धारक महिला की मृत्यु हो जाती है तो कनेक्शन एजेंसी को वापस करना होगा।
-अमित सैनी, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद