उचाना। महाराजा अग्रसेन मंदिर पुजारी अशोक शर्मा ने श्रद्धालुओं को प्रवचन के दौरान कहा कि जीवन में लक्ष्य को पाना हो तो समय का प्रबंधन ठीक होना ही चाहिए।
दौलत सिर्फ रहन-सहन का स्तर बदल सकती है, बुद्धि और तकदीर नहीं। जब अपने किसी का मूड खराब हो तो उस समय कुछ पल के लिए दूर होने से वाद-विवाद से मुक्ति मिल जाती है और जीवन में रिश्ते बने रहते हैं। सहयोग और समर्थन उन्हीं का करें जो इनकी कद्र जानता हो। खुदगर्ज लोगों का सहयोग करना दोपहर को दीपक जला कर दीपक का वजूद खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अगर कोई आपकी बात नहीं समझता तो समझाओ ही मत, क्योंकि कुछ बातें समझाने पर नहीं खुद पर बीतने पर समझ आती है। कड़वी बातें बोलने का साहस बहुत लोगों में होता है, मगर कड़वी बातें सुनने की क्षमता बहुत कम लोगोंं में होती है। जीवन में सच्ची शांति और आनंद तब ही मिलते है, जब हम हर क्षण को उसकी संपूर्णता में जीते है। जो शांत भाव से सहन करता है वह गंभीर रूप से आहत होता है और लोग समझते हैं कि उसे कुछ फर्क नहीं पड़ा।