जींद। जिले की अनाजमंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। बुधवार को शाम तक जिले की अनाजमंडियों में 38 हजार एमटी गेहूं की आवक हो चुकी थी। इसके अलावा बुधवार को छह लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हुई। आवक के मुकाबले उठान नाममात्र का हुआ है। इसके कारण मंडियों में गेहूं पूरी तरह से भरा हुआ है।
शहर की अनाजमंडी में अगर इसी गति से उठान कार्य चला तो आगामी दो दिन में गेहूं डालने के लिए जगह नहीं बचेगी और मौसम खराब होने पर लाखों क्विंटल गेहूं सड़कों पर बहने को मजबूर होगा। अब मंडी में गेहूं डालने के लिए नाममात्र ही जगह बची है। आढ़तियों ने जेसीबी की सहायता से दुकानों के सामने छत के बराबर के ढेर गेहूं के लगवाए हुए हैं। इसके अलावा अब जिलेभर की मंडियों में लगभग 1.5 लाख क्विंटल ही गेहूं का उठान हो पाया है। उठान की गति को धीमा देखते हुए डीसी ने भी सभी खरीद एजेंसियों को उठान की गति तेज करवाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसका भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। इसके कारण मंडी के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जब तक उठान नहीं होगा, तब तक किसानों के खाते में गेहूं की पेमेंट भी नहीं जाएगी। इससे आढ़ती व किसान दोनों को परेशानी होगी। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिन में आसमान में बादल छाने की संभावना है, लेकिन आढ़तियों के पास इतनी ज्यादा मात्रा में लगे गेहूं के ढेरों को ढकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इससे किसान की छह माह की मेहनत पर पानी फिरने का डर बना रहेगा।
डीसी ने बताया कि अब तक अलेवा मंडी में 9541 मीट्रिक टन, छातर में 7006 एमटी, ढ़ाठरथ मंडी में 895, फरैणकलां 444, गढी मंडी में 1288, घोघडियां में 1200, जींद मंडी में 20732 एमटी, जुलाना में 18657, खरकरामजी मंडी में 1011, मंगलपुर मंडी में 785, नगूरां अनाजमंडी में 5927, नरवाना मंडी में 18580 एमटी, पिल्लूखेड़ा अनाजमंडी में 12360, राजपुरा मंडी में 1373, सफीदों मंडी में 17458, और उचाना मंडी में 40322 मीट्रिक टन, लुदाना मंडी में 4948 , तथा उझाना की अनाजमंडी में 97 मीट्रिक टन गेंहू की आवक हुई है।