फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेतों में बारिश का पानी भरने से 200 एकड़ में खराब हुई कपास की फसल

विज्ञापन
बारिश से खराब हुई कपास की फसल दिखाते सफा खेड़ी के किसान। - फोटो : Jind
विज्ञापन
उचाना। इस सप्ताह हुई बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। खेतों में बारिश का पानी भरने से उचाना ब्लॉक में 200 एकड़ कपास की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाकर प्रति एकड़ 40 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन

किसानों ने कहा कि काफी किसानों ने फसल का बीमा नहीं करवाया है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह स्पेशल गिरदावरी करवाए। सफा खेड़ी निवासी किसान रमेश, राममेहर, सूरज व कुलदीप ने कहा कि कई किसानों ने ठेके पर भी खेत लेकर कपास की बिजाई की हुई है। इस बार ठेका प्रति एकड़ 38 से 42 हजार तक गया है। कपास की बिजाई पर भी काफी खर्च किसानों का हुआ है। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया। पानी खेतों से नहीं निकलने पर कपास की फसल धीरे-धीरे खराब हो गई। कपास के पौधे बिल्कुल सूख कर काले पड़ने लगे हैं। ऐसे में किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। बहुत से किसानों का फसल बीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने ठेके पर खेत लेकर कपास की बिजाई की है, उनको अधिक नुकसान हुआ है। सफा खेड़ी के अलावा तारखां, घासो कलां व घासो खुर्द के खेतों में भी पानी बारिश का भरने से फसल खराब हुई है। स्पेशल गिरदावरी की मांग को लेकर गांवों के किसान एसडीएम व तहसीलदार से भी मिलेंगे। एसडीएम डॉ. राजेश कोथ ने कहा कि खेतों में बारिश का पानी भरने से हुए नुकसान को लेकर सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
गढ़वाली गांव में डूबी साढ़े 700 एकड़ फसल
जुलाना। जुलाना क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश और ड्रेन ओवरफ्लो होने से गढ़वाली की साढ़े 700 एकड़ फसल में पानी भर गया। किसानों ने कहा कि उनकी फसल डूबने का कारण जोरदार बारिश के साथ ड्रेन का ओवरफ्लो होना है। शामलो कलां-करेला ड्रेन के कारण गढ़वाली गांव में रेलवे स्टेशन के पास वाली करीब साढ़े सात सौ एकड़ जमीन में बिजाई की गई फसल में पानी भर गया। किसानों ने प्रशासन से फसलों में से पानी निकालने की मांग की है।
विज्ञापन

गढ़वाली गांव के जयभगवान, हरिओम, आनंद, संजय, राजकुमार व तारचंद ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास की जमीन काफी नीची है। यहां से फसलों से पानी निकालने का कोई रास्ता नहीं है। बारिश ज्यादा होने व ड्रेन के पानी से रेलवे स्टेशन के पास वाला सारा क्षेत्र पानी भर गया है। हजारों रुपये खर्च कर उगाई गई फसल खराब होने के कगार पर है। हर वर्ष ऐसा ही होता है। बरसात व ड्रेन से उनकी फसल खराब हो जाती हैं। किसानों ने प्रशासन से पानी निकालने व समस्या का स्थायी प्रबंध करने मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें