जींद। एक महीने बाद हांसी ब्रांच नहर में शनिवार को पानी पहुंचेगा। ऐसे में शहरवासियों को पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। हांसी ब्रांच नहर से पटियाला चौक की तरफ के क्षेत्र को पेयजल सप्लाई होता है। इसके अलावा सेक्टरों में वाटर वकर्स के जरिए नहरी पेयजल की सप्लाई दी जाती है।
शहरी विकास प्राधिकरण के वाटर वकर्स में मात्र दो से तीन दिन का पानी बचा हुआ था। अप्रैल माह में शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने ट्रैक्टर लगाकर पंप के जरिए पानी भरा था, लेकिन लंबे समय से नहर नहीं आई थी। वहीं जल संकट को देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों का भी सेक्टरवासियों से आह्वान किया था कि पेयजल को गाड़ी धोने या फिर बाग-बगीचों में पौधों को पानी देने में इस्तेमाल नहीं किया जाए। पर्याप्त मात्रा में पेयजल सप्लाई आपूर्ति नहीं होने से लोग परेशान थे। बतां दे कि सेक्टर 6, 7, 8 और 9 के लगभग 2400 घरों में लगभग लगभग 8 हजार रहते हैं।
सेक्टरवासी सतबीर बांगड़, बिजेंद्र लाठर, वेद आर्य, तस्वीर खटकड़, उज्जवल सिंह और अमित मोर डॉ. संजय शर्मा, उपप्रधान एडवोकेट सुशील रोहिल्ला ने बताया कि पानी की किल्लत लंबे समय से चल रही है। लगभग ढाई महीना पहले भी सेक्टरों में पेयजल सप्लाई की किल्लत आ गई थी। पानी की सप्लाई पूरी तरह नहीं आ रही थी। इसके अलावा पेयजल में सीवरेज का पानी मिलकर आ रहा था। सतबीर बांगड और अमित मोर ने कहा कि एचएसवीपी के वाटर वर्कस में पानी काफी कम है। जलघर में काफी मात्रा में सिलेट (रेत की परत) भी जमी हुई है। पिछले लंबे समय से वाटर टैंक की सफाई नहीं हो रही है। इस कारण टैंक में पानी पूरी मात्रा में नहीं भर पाता। नहर नहीं आने से पेयजल के लिए लोग परेशान थे। कैंपर मंगवाकर लोग पीने का पानी मंगवाते थे। अब यदि नहर आती है तो लोगों को राहत मिलेगी।
नहर में शनिवार को पानी आएगा। इसके बाद वाटर वकर्स में पानी भर दिया जाएगा ताकि सेक्टरवासियों को पेयजल से संबंधित कोई परेशानी नहीं हो।
रोहित जेई, एचएसवीपी।
विभाग ने 1785 क्यूसेक पानी की मांग है। मुनक हेड से शुक्रवार को हांसी ब्रांच नहर में पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा अंटा हेड से भी कुछ पानी नहर में छोड़ा गया है। शनिवार तक नहर में पानी आ जाएगा।
-अजय कुंडू, एक्सईएन नहरी विभाग