जींद। जिले के गांव कालवन स्थित प्रसिद्ध देवभूमि कम्युनिटी रिजर्व में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलस्रोतों को विकसित करने और मत्स्य संपदा बढ़ाने की तैयारी है।
वन्यजीव विभाग ने रिजर्व में कच्चे तालाब की खुदाई, मौजूदा तालाब से गाद निकालने, पेड़ों के आसपास मिट्टी भरने और मिट्टी का टीला बनाने के लिए 5.81 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। विभिन्न प्रजातियों की जिंदा मछली फिंगरलिंग की आपूर्ति के लिए 4.19 लाख रुपये का अलग टेंडर भी जारी किया गया है।
देवभूमि कम्युनिटी रिजर्व अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां अलग-अलग मौसम में प्रवासी पक्षियों का भी आगमन होता है।
ऐसे में रिजर्व में तालाबों और अन्य जलस्रोतों को बेहतर करने की योजना को पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक वातावरण मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जलस्रोतों के विकसित होने से रिजर्व की प्राकृतिक पारिस्थितिकी को और बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।
60 दिन में पूरा करना होगा
वन्यजीव विभाग की ओर से जारी 5.81 लाख रुपये के टेंडर में कच्चे तालाब की खुदाई, मौजूदा तालाब की गाद निकालने, पेड़ों के आसपास मिट्टी भरने और मिट्टी का टीला बनाने के के कार्य शामिल हैं। इस काम को 60 दिन में पूरा करना होगा। वहीं, 4.19 लाख रुपये के दूसरे टेंडर के तहत देवभूमि कम्युनिटी रिजर्व में रोहू, कतला, गोल्डन और मृगल समेत अन्य प्रजातियों की जिंदा मछली फिंगरलिंग की आपूर्ति की जाएगी।
वर्जन
तालाबों के विकास और मछलियों की मौजूदगी से रिजर्व के जलीय पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। इससे यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों समेत स्थानीय पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी अनुकूल प्राकृतिक माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके लिए दो टेंडर लगाए गए हैं।
-चरणजीत सिंह, संभागीय वन्यजीव अधिकारी