हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, डकैती समेत 17 आपराधिक मामलों के वांछित भगोड़े को डिटेक्टिव स्टाफ ने गुप्त सूचना के आधार पर रजाना कलां बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों के पास से तीन अवैध पिस्तौल और आठ कारतूस बरामद किए हैं। चारों किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। मंगलवार को चारों को सफीदों अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीएसपी चंद्रपाल सिंह व डिटेक्टिव टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर समरजीत ने बताया कि उन्हें गुप्ता सूचना मिली थी कि हत्या के साथ-साथ अन्य 17 आपराधिक मामलों का वांछित भगोड़ा करनाल जिले के गांव जयसिंहपुरा निवासी बलविंद्र उर्फ अंडरू अपने तीन अन्य साथियों के साथ रजाना कलां बस स्टैंड के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान अंडरू के साथ जींद के गांव आसन निवासी अंकित, सोनीपत जिले के गांव आसन निवासी राहुल उर्फ अंग्रेज, रोहतक जिले के गांव टिटौली निवासी प्रवीण उर्फ देवेंद्र के रूप में हुई। पुलिस ने जब आरोपियों की तलाशी ली तो उनके पास से तीन अवैध पिस्तौल तथा आठ कारतूस मिले। पुलिस ने चारों को मंगलवार को सफीदों अदालत में पेश किया। अदालत ने चारों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए।
गांव रजाना खुर्द के पास की थी अंकित व अंडरू ने युवक की हत्या
डिटेक्टिव इंचार्ज समरजीत ने बताया कि जीआरपी थाने में दर्ज मामले के अनुसार फरवरी में सफीदों के गांव रजाना खुर्द के पास से गुजर रही रेलवे लाइन के पास अंडरू तथा उसके साथी अंकित ने रोहतक निवासी युवक लाडी की गोली मारकर हत्या की थी। उस समय यह ब्लाइंड मर्डर था। बाद में पुलिस जांच में अंडरू तथा अंकित का नाम सामने आया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे। अदालत ने छह महीने पहले अंडरू को भगोड़ा घोषित किया था। अंडरू के खिलाफ पानीपत, जींद, असंध में हत्या, लूटपाट, डकैती सहित 17 मामले दर्ज हैं। अंकित पर हत्या का मामला दर्ज है, जबकि राहुल व प्रवीण के मामलों की पुलिस जांच कर रही है।