जुलाना। गांव पौली में एक माह में 13 मौत होने के बाद प्रशासन जाग गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को गांव में जांच करने के लिए पहुंची। इस दौरान टीम ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया और लोगों को जांच करवाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मृतकों के परिजनों ने बताया कि मरीजों को तीन-चार दिन तक लगातार बुखार के बाद सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। कई मरीजों ने तो अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। ग्रामीण कोरोना के डर से जांच नहीं करवा रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें मौत ग्रास बनकर भुगतना पड़ रहा है।
बीडीपीओ कार्यालय के ग्राम सचिव के नेतृत्व में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गांव में घर-घर जाकर बुखार और खांसी जैसे लक्षणों वाले मरीजों का सर्वे किया। इस दौरान मरीजों ने बताया कि वे पहले से अब काफी ठीक हैं। गांव में एक भ्रांति फैली हुई है कि जो भी जांच के लिए अस्पताल में जाएगा, वह मृत होकर ही लौटेगा। ग्रामीणों को प्रशासन की टीम ने कोरोना जांच के लिए प्रेरित किया और कहा कि अगर वे खुद जांच नहीं करवाएंगे तो स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें लेकर जाएगी और कोरोना जांच के लिए सैंपल लेगी।
गांव में किया गया सैनिटाइजर का छिड़काव
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। ग्रामीणों ने गांव के प्रत्येक घर को सैनेटाइज किया। इस काम में गांव के सफाई कर्मचारियों और चौकीदार की मदद ली गई। साथ में मुनादी करवाई गई कि जिसके घर में कोई भी बुखार से पीड़ित है तो वह अपनी जांच करवाए।
गांव के सरकारी स्कूल में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड
गांव में कोरोना संक्रमण ज्यादा फैलने पर मरीजों को अलग रखने के लिए गांव के सरकारी स्कूल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, जिसमें छह बेड डाले गए हैं। वहीं अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बेड भी बढ़ा दिए जाएंगे। वार्ड में सैनिटाइजर और भाप देने वाली मशीन स्टीमर भी लगाई गई है।
कोट
गांव में घर-घर जाकर बीमार मरीजों का सर्वे किया गया है। जिस घर में मरीज मिले, सबको कोरोना जांच के लिए जागरूक किया गया है। गांव में संक्रमण नहीं फैले, इसके लिए गांव को सैनिटाइज किया गया है। गांव के सरकारी स्कूल में आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है, जहां पर मरीजों की देखभाल स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी।
-सतीश कुमार, ग्राम सचिव पौली।