जिले को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करवाने के लिए प्रशासन द्वारा हर गांव में एक-एक निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। यह निगरानी कमेटी गांव में खुले में शौच जाने वाले लोगों पर निगरानी रखेगी व उन्हें खुले में शौच से समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों के बारे में जागरूक करेगी।
डीसी विनय सिंह ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की बैठक में बताया कि जिले के लगभग सभी घर शौचालय युक्त हो चुके हैं। इसके बावजूद कुछ लोग खुले में शौच जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के जिन घरों में शौचालय नहीं बने हैं, उन घरों में शौचालयों का निर्माण जल्द करवाया जाएगा। चालू वित्त वर्ष में 12 हजार शौचालयों का निर्माण करवाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस मौके पर आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रही टीम ने भी डीसी विनय सिंह को रिपोर्ट सौंपी। डीसी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों व स्कूलों में निरीक्षण के दौरान कोई खास कमियां नहीं पाई गई हैं। कुछ स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई नहीं होने की सूचना मिली है। डीसी ने मौके पर ही कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को संबंधित संस्थानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। इस बैठक में एडीसी आमना तस्नीम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग खरीदेगा सात एंबुलेंस गाड़ियां
बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बताया कि विभाग द्वारा एंबुलेंस गाड़ियां खरीदी जा रही हैं। जिले के लिए विभाग द्वारा सात एंबुलेंस गाड़ियां खरीदी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नई एंबुलेंस गाड़ियां आने से जिले के लोगों को और ज्यादा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।