25जेएनडी02: ग्रामीणों को टीबी के रोग से बचाव की जानकारी देते हुए। स्वास्थ्यकर्मी
जींद। टीबी मुक्त भारत बनाने के संकल्प से सब हेल्थ सेंटर रुपगढ़ की तरफ से गांव की चौपाल में नुक्कड़ सभा कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता देवीराम कौशिक ने ग्रामीणों को तपेदिक (टीबी ) रोग के बारे जागरूक किया। उन्होंने कहा कि टीबी जीवाणुओं से होने वाली बीमारी है। इसका संक्रमण फेफड़ों में होता है।
इसके अलावा यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। इसके फैलने के मुख्य कारण टीबी के रोगी के खांसने या छींकते समय यह जीवाणु हवा से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। रोगी व्यक्ति के इधर-उधर थूकने से भी यह रोग फैलता है।
अगर किसी को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी हो जो साधारण इलाज से ठीक न हो, सीने में तेज दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ होना, शाम के दौरान हल्का बुखार होना, भूख कम लगना, वजन कम होना, बलगम में खून आना, नींद कम आना और रात को पसीना आना इसके लक्षण हैं।
इस अवसर पर एएनएम मुकेश रानी, मूर्ति देवी, आशा वर्कर रेखा, कलावती व आंगनबाड़ी वर्कर कमला, मीनाक्षी, राजकला, रेनू, कृष्णा मौजूद रहे।
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25जेएनडी02: ग्रामीणों को टीबी के रोग से बचाव की जानकारी देते हुए। स्वास्थ्यकर्मी