जींद। जनस्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्तर पर पेयजल प्रबंधन एवं रखरखाव के लिए 5 नवंबर से प्रत्येक खंड के गांवों में प्रशिक्षण शिविर लगाएगा। इसमें ग्राम जल एवं सीवर समिति के सदस्यों को गांव में बेहतर तरीके से पेयजल सप्लाई करने, लीकेज को बंद करवाने, समय पर पेयजल की आपूर्ति करने, हर घर में नल पर टेप लगवाने, व्यर्थ बह रहे पानी को रोकने के लिए बीआरसी (खंड समन्वयक अधिकारी) की ओर से शिविर लगाकर जागरूक किया जाएगा।
जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 31 दिसंबर तक काम पूरा करने की योजना बनाई है। इसमें गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया है। इसके अलावा गांव के सरपंच को इस समिति का चेयरमैन बनाया गया है। इस प्रशिक्षण शिविर में पानी की जांच, पेयजल का बिल भरवाना, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना, अगर किसी मकान तक पानी नहीं पहुंच रहा है तो इसका कारण पता करके अस्थायी समाधान करवाना भी इस कमेटी की जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा यह कमेटी ग्रामीणों को पानी का बिल भरने के लिए जागरूक करेगी। अगर किसी मकान के बाहर दो कनेक्शन हैं, तो उनको भी बंद करवाया जाएगा। नाली में बहने वाले पानी को रोकने के लिए टेप उपलब्ध करवाने और लोगों को आवश्यकतानुसार पेयजल प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा। जो मकान मालिक पानी को व्यर्थ बहने से नहीं रोकेगा, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति भी ग्राम जल एवं सीवर समिति के पास होगी।
5 नवंबर को जिले के उचाना, नरवाना, अलेवा, उझाना, जुलाना, सफीदों व पिल्लूखेड़ा खंड के गांवों से काम शुरू किया जाएगा। खंड स्तर पर नियुक्त किए गए बीआरसी इन खंडों के एक-एक गांव में जाकर सरपंच के नेतृत्व में कमेटी को प्रशिक्षण देंगे। उनको काम करने के तरीके, किए गए काम की रजिस्टर में एंट्री, काम को लेकर अधिकारियों से बातचीत, गांव में जरूरत के अनुसार टोंटी व पाइपलाइन मंगवाने की जानकारी दी जाएगी।
सभी बीआरसी को दिए निर्देश
सभी खंडों पर नियुक्त बीआरसी को निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक खंड के गांवों में 5 नवंबर से काम को शुरू करें। इसके लिए सभी गांवों के सरपंचों व कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं, ताकि वह अपने गांव में बेहतर पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। -रणधीर मताना, जिला सलाहकार, जनस्वास्थ्य विभाग, जींद।