संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में 15.90 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए जीर्णोद्धार कार्य की विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। कुछ सामाजिक संगठनों ने पिछले दिनों सीएम विंडो पर शिकायत देकर नागरिक अस्पताल में विकास कार्यों की आड़ में धांधली के आरोप लगाए थे।
सीएम विंडो पर शिकायत किए जाने के बाद शिकायतकर्ता सुनील राज बामनिया को अस्पताल प्रशासन ने बुलाया था। सुनील ने विजिलेंस से जांच करवाने की मांग रखी थी। विजिलेंस को शिकायत साैंपे जाने के करीब एक माह बाद अब जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विजिलेंस ने जीर्णोद्धार पर खर्च रुपये, अब तक हुए काम, काम की डीएलपी, काम पूरा करने का सर्टिफिकेट, टेंडर प्रक्रिया, अनुमानित खर्च समेत हर तरह की जानकारी मांगी है।
विजिलेंस ने यह ब्योरा मांगा
विजिलेंस ने अस्पताल प्रशासन से पूछा है कि काम शुरू होने के दौरान संबंधित विभाग के एसडीओ, एक्सईएन ने कितनी बार निरीक्षण किया? काम में क्या खामियां मिलीं? इसकी जांच की गई या नहीं? अब तक हुए काम की ठेकेदार या विभाग को पेमेंट की गई या नहीं? काम पूरा होने पर क्वालिटी सर्टिफिकेट कौन सा विभाग देगा? इसका टाइम पीरियड कितना रहेगा? काम कब शुरू किया गया था और कब खत्म होना था। वहीं, निर्धारित समय में काम पूरा हुआ कि नहीं? यह जानकारी विजिलेंस ने मांगी है।
सोशल मीडिया पर किया था वीडियो वायरल
सीएम विंडों पर दी गई शिकायत के बाद कुछ दिन अस्पताल का काम भी रुका रहा। अधिवक्ता सुनील राज ने कई दिन पहले इस मुद्दे पर अस्पताल भवन के सामने नारेबाजी की लेकिन पीडब्ल्यूडी ने कोई कार्रवाई नहीं की। अधिवक्ता ने अस्पताल का लाइव वीडियो भी वायरल किया था। बता दें अस्पताल के बाहरी हिस्से को तो टफन से चमकाया गया था लेकिन कुछ घंटों बाद अस्पताल के अंदर कहीं टफन टूट गया तो कहीं लेंटर से सरिए बाहर निकल आए थे। जर्जर दीवारों पर सीमेंट से पुताई भी नहीं की गई थी। इस काम को इसी तरह से आगे बढ़ाया जा रहा था।
वर्जन-
-अस्पताल में जीर्णोद्वार का काम पीडब्ल्यूडी का है। उन्होंने कई बार काम की गुणवता व कार्य की गति को बढ़ाने के लिए पत्र लिखा लेकिन पीडब्ल्यूडी काम को लेकर गंभीर नहीं है। इस कारण अस्पताल में मरीज भी परेशान हैं। निर्माण का काम तकनीकी है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को होती है। अस्पताल की कमेटी कमियों को लेकर निरीक्षण कर रिपोर्ट देती है। जांच के नाम पर कोई पत्र आया है कि नहीं उनको इसकी जानकारी नहीं है।
-डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल।
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-मैं आज किसी काम से बाहर आया हूं। पत्र कब आया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर पत्र आया है तो काम की गुणवत्ता को लेकर जवाब दिया जाएगा। अस्पताल में जो काम किया है। वह बेहतर तरीके से हुआ है।
-राजकुमार नैन, एक्सईएन पीडल्यूडी जींद।