विधानसभा चुनाव में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन एवं भाजपा उम्मीदवार वंदना शर्मा की सफीदों में हुई हार पर मंथन के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और विरोध में नारेबाजी करते रहे। हंगामे में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं।
अग्रवाल धर्मशाला में हुई बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं का कहना था कि हार के जिम्मेदार नेताओं को मंच पर स्थान नहीं देना चाहिए। कुछ स्थानीय नेताओं पर कार्यकर्ताओं ने भितरघात करने का आरोप लगाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने संबंधित नेताओं के खिलाफ जमकर हूटिंग भी की। बैठक के दौरान डॉ. वंदना शर्मा को मंच छोड़कर धर्मशाला के अन्य कमरे में जाना पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने बैठक में कुछ नेताओं पर भितरघात कर हराने का काम करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि ऐसे नेताओं को बैठक से ही बाहर कर देना चाहिए। आरोप लगने के बाद भी जब संबंधित नेता मंच पर डटे रहे तो कार्यकर्ता भड़क उठे और उन्होंने मंच की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुछ नेताओं ने पार्टी में रहकर ही कब्र खोदने का काम किया है।
इसे पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही करेंगे। भीड़ ने आरोप लगाए कि दो नेता नहीं चाहते थे कि वंदना शर्मा सफीदों से चुनाव जीते। गुस्साए कार्यकर्ताओं को वंदना शर्मा सहित अन्य भाजपाइयों ने शांत करवाया।
हंगामे से गहरा दुख
मामला शांत होने के बाद वंदना शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं को किसी भी नेता के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। बैठक में हुए हंगामे पर उनको दुख है। उन्होंने कहा कि वे लोगों के सुख दुख में साथ देने के लिए यहां आई हैं न कि आपस में लड़वाने के लिए। उनकी हार से किसी भी कार्यकर्ता को निराश होने की जरूरत नहीं है। अब वे सफीदों छोड़कर जाने वाली नहीं हैं। सभी कार्यकर्ताओं के काम होंगे और हलके को विकास के मामले में भी किसी तरह से नहीं पिछड़ने दिया जाएगा। अब हरियाणा में भाजपा की सरकार है। प्रदेश में रामराज्य की स्थापना करना ही उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य है।
नहीं मामले की जानकारी
मैं आज बाहर हूं और मामले की जानकारी नहीं है। कल पूरे मामले की जानकारी लेकर ही कोई जानकारी दे सकता हूं
- डॉ. ओपी पहल, जिलाध्यक्ष भाजपा