अलेवा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा के नेतृत्व में दालमवाला, नगूरां, चांदपुर, मांडी खुर्द समेत पांच गांवों में बच्चों और गर्भवतियों को बीमारियों के टीके लगाए। इस दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक ने लोगों को जानलेवा बीमारियों के बचाव के लिए टीकाकरण करवाने के लिए जागरूक किया।
नरेंद्र ढांडा ने नगूरां गांव की जैन धर्मशाला में गर्भवतियों और लोगों को 0-5 वर्ष तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों जैसे काली खांसी, गलघोंटू, दिमागी बुखार, टेटनेस, पोलियो, दस्त, खसरा, निमोनिया और टीबी आदि रोकथाम के लिए टीकाकरण के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गर्भवतियों को समय पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए। प्रसव पूर्व देखभाल अवश्य करवाएं, ताकि जच्चा-बच्चा स्वस्थ रह सकें। यही नहीं जिन गर्भवतियों में खून की कमी है, उनको हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, विटामिन सी युक्त फल जैसे संतरा, अनार, आंवला, मौसमी, साबुत अनाज, अंकुरित दालें, पीले फल, ड्राई फ्रूट और फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम युक्त गोलियों का सेवन करें ताकि उनका स्वास्थ्य स्वस्थ रह सके।
उन्होंने गर्भवतियों को समय-समय पर गलघोेंटू और टेटनेस के टीके लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गर्भवतियों को मिलने वाली औपचारिक सुविधाएं जैसे खून, बीपी, शुगर, आरएच फैक्टर, ब्लड ग्रुप, बुखार, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, बलगम की जांच नगूरां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनहित के लिए चलाई योजनाओं का लाभ लेना चाहिए, ताकि जीवन को स्वस्थ बनाया जा सके। इस अवसर पर एएनएम हरिता, दर्शना, सुनीता दालमवाला, ज्योति, नवीन, कुलदीप, संजय, अनिल, आशा वर्कर मंजू, मुकेश, शंकुतला, राजेश, रोशनी, रीनू, रीना मौजूद रही।