संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजय के बाद जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने स्थापना दिवस कार्यक्रम के बहाने जाट लैंड में अपनी सियासी ताकत आजमाई। इस दौरान उमड़ी भीड़ से उत्साहित पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जनता को भाजपा के साथ सरकार बनाने का कारण और इसका नफा-नुकसान भी बताया। कहा- यहां वोट की बात करने नहीं, आपसे मन की बात करने आए हैं। स्थापना दिवस समारोह में सभी वरिष्ठ नेताओं ने जननायक चौधरी देवीलाल को नमन किया और पूर्व सीएम स्वर्गीय ओम प्रकाश चौटाला को याद किया।
रैली में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पहली बार कार्यकर्ताओं के बीच भाजपा के साथ जाने के फैसले पर स्पष्टीकरण दिया। कहा- भाजपा का साथ देने से पहले कांग्रेस को भी विधायकों की संख्या पूरी करने का अवसर दिया था। इसको लेकर कांग्रेस के बड़े नेताओं से बात भी हुई थी, लेकिन कांग्रेस विधायकों की संख्या नहीं जुटा पाई। ऐसी स्थिति अगर भाजपा के साथ नहीं जाते तो वे हमारी पार्टी और विधायकों को तोड़ सकते थे। वे इस काम में माहिर हैं। अगर पार्टी टूट जाती तो निशान भी नहीं बचता। भाजपा ड्राइंग रूम में बैठकर साजिश की राजनीति करती है। सता से दूर होने के बाद भी सात विधायकों को भाजपा ने तोड़ा।
भूपेंद्र हुड्डा को घेरा
दुष्यंत ने कहा कि 2024 चुनाव में अगर कांग्रेस सैलजा के कहने से सीट देती तो कांग्रेस 45 पार जरूर होती। राजनीति में उतार चढ़ाव तो आते रहते हैं। भूपेंद्र हुड्डा की संकुचित सोच के कारण प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनी। हम जजपा के लोग सड़कों पर दौड़कर जनता के बीच रहकर उनके सुख दुख में शामिल होने में विश्वास रखने वाले हैं।
देवीलाल ने भी लंबे संघर्ष में केवल छह वर्ष ही राज में की सेवा
दुष्यंत ने बताया कि उनका परिवार राजनीति में संघर्ष के दम पर आगे बढ़ा है। चौधरी देवीलाल ने भी संघर्ष किया था। 65 साल की राजनीति में साढे़ 6 साल ही सरकार में रहे थे। चौधरी देवीलाल को भी सता आने के बाद मंत्री पद से हटाया गया था। चौधरी देवीलाल की सरकार को भजनलाल ने तोड़ने का काम किया। अब फिर भाजपा उनके साथ खेल करने में कामयाब हुई। किसान आंदोलन भाजपा की नीतियों के कारण शुरू हुआ था। इस आंदोलन में उन्होंने किसानों का पक्ष भी रखा, लेकिन अंत में इस आंदोलन के परिणाम जजपा को भुगतने पड़े।
कविता के माध्यम से सरकार को घेरा
टूटे हुए पोल ने दिया खिलाड़ी मार। खत्म कर दिया रोजगार। वो कहते हैं गुंडे लेकर आते हैं बुलेट और थार। 40 प्रतिशत मेडल हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं, खेल गुजरात में करवाए जाते हैं। इस कविता के दुष्यंत ने सरकार को घेरा। कहा- प्रदेश में विधायक और सांसद क्या भाषा बोलते हैं। एक पशु से तुलना की जाती है। 2047 तक 50 लाख नौकरियों का दावा करने वाला पहला मुख्यमंत्री देखा है जो दो दशक का एजेंडा लेकर बैठा है।
अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक भर्ती का मुद्दा उठाया
दुष्यंत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में 613 अंग्रेजी के असिस्टेंट की भर्ती निकाली गई। 4800 से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया। जिनमें से केवल 158 को ही पास किया गया। जिनको पास किया गया वो भी आधे से ज्यादा प्रदेश से बाहर के हैं। पूरा दिन वोट बनाते हैं और वोटों पर स्वीटी और सोनिया आती हैं। राजधानी पर भी खतरा बना हुआ है। चंडीगढ़ के अधिकार अब केंद्र के हाथ में आ जाएंगे।
चोर चोर मौसेरे भाई
जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में किसान मेहनत कर फसल पकाता है, लेकिन बरसात के कारण फसल खराब हो जाती है। सीएम मुआवजा का आश्वासन देते हैं लेकिन कुछ नही मिलता। प्रदेश को लूटकर अपना घर भरने का काम किया जा रहा है। कांग्रेस वोट चोरी की बात करती है। वोट चोरी किसने सिखाई। राई के विधायक की वोट चोरी की गई। कांग्रेस वाले वोट चोरी करते थे लेकिन भाजपा वाले तो डाका मारने लगे। यह तो वही बात हुई कि चोर चोर मौसेरे भाई। हुड्डा ने कांग्रेस को हरवाने का काम किया।
मंत्र : अब घर घर जाकर करें पार्टी का प्रचार
युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने रोजगार के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि सीएम 2047 तक 50 लाख युवाओं को रोजगार देने की बड़ी-बड़ी बातें करते है, लेकिन सच तो ये है कि पक्की नौकरियां तो दूर की बात कच्ची नौकरियों के ही लाले पड़े हुए हैं। कार्यकर्ता घर-घर जाएं और पार्टी का प्रचार करें।