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अखरता है अखाड़े का न होना, पेयजल किल्लत भी बड़ा मुद्दा

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गांव के जलघर में लगे नलकूप से पीने का पानी भरते युवा। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। जिस गांव के लोगों में खेल रोम-रोम में बसा हुआ हो और कुश्ती उनका लोकप्रिय खेल हो। उस गांव में खेल स्टेडियम नहीं होना सोचने वाली बात है। इस गांव से निकले कुश्ती खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर दमखम दिखा रहे हैं। गांव में स्टेडियम तो दूर कुश्ती खेलने के लिए अखाड़ा भी नहीं बनवाया गया है। खिलाड़ी गांव के पास बनी एक प्राइवेट अकेडमी में ही कोचिंग लेकर अपना हुनर निखार रहे हैं। अकेडमी में गांव से करीब 250 युवा कुश्ती सीख रहे हैं।
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6000 की आबादी और 2821 मतदाताओं वाले गांव में ग्रामीणों के अनुसार दो और समस्याएं है। गांव के 80 प्रतिशत घरों में जलघर से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। गांव में जमीनी पानी खारा है। ग्रामीणों ने खुद राशि खर्च कर खेतों में तीन ट्यूबवेल लगाकर वहां से पाइप बिछाकर गांव तक लाई है। पानी निकासी की समस्या भी ग्रामीण वर्षों से झेल रहे हैं। गांव के चारों तरफ खेतों की जमीन में भी बरसाती पानी अभी तक जमा है। गांव के अंदर तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर मकानों तक पहुंच गया है। शिक्षा के लिहाल से व्यवस्था ठीक है। गांव में 12वीं तक का राजकीय स्कूल है और स्टाफ भी पूरा है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। ग्रामीणों का कहना है इस बार ऐसे व्यक्ति को सरपंच बनाएंगे जो उनके अधिकारों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाए और समस्याओं का समाधान करवाए।
अंशु मलिक सहित ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्र स्तर पर दिखा चुके हैं प्रतिभा
निडानी गांव के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्र स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। पिछले दिनों बर्मिंघम शहर में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में निडानी गांव की अंशु मलिक ने कुश्ती में हिस्सा लिया था। स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीता था। इसके अलावा प्रिया मलिक भी 74 किलोभार वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। प्रवीण पूनिया नेटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिला चुके हैं। सतीश आर्मी में कुश्ती कोच हैं।
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बारिश हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। गांव के चारों तरफ अब भी पानी जमा है। इसके कारण कई एकड़ में धान, गन्ने की फसल खराब हो गई है। इससे ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ है। अब गेहूं की बिजाई होना भी मुश्किल है।
-वजीर मलिक, ग्रामीण।
गांव में पानी निकासी की समस्या बेहद गंभीर है। गांव के तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे गांव के मकानों तक पानी पहुंच गया है। ऐसे में कई मकानों को गिरने का खतरा भी बन गया है। नए बनने वाले सरपंच को इस समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए।
-नरेश, ग्रामीण
खिलाडिय़ों को मिले खेलों का सामान
युवाओं का खेलों की तरफ काफी रूझान है। वे सुबह व शाम स्कूल में ही अभ्यास करते हैं। गांव में खेल स्टेडियम होना चाहिए औरखेलों का सामान मुहैया करवाया जाना चाहिए।
-रमेश, ग्रामीण
गांव के अधिकतर क्षेत्र में पेयजल सप्लाई नहीं पहुंच रही है। इसको लेकर गांव के लोग खेतों या जलघर से पानी लेकर आते हैं। प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि गांव के हर कोने में पेयजल की सप्लाई पहुंचे।
-दिनेश, ग्रामीण।
ग्राम पंचायत ने अपने कार्यकाल के दौरान गांव में काफी विकास कार्य करवाए। गांव की गलियां, नालियां, श्मशान घाट की दीवारें, तालाब की दीवारें, चौपालों की मरम्मत करवाई गई। गांव में खेल स्टेडियम को लेकर प्रयास जरूर किए, लेकिन बात नहीं बन पाई।
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-पुष्पा, निवर्तान सरपंच, निडानी
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