डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपते किसान। संवाद
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टीकरी बॉर्डर पर कसार गांव निवासी युवक को कथित जिंदा जलाने के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा अब खुलकर आरोपी किसानों के समर्थन में आ गया। दोनों आरोपी जींद के रहने वाले हैं। ऐसे में काफी संख्या में किसानों ने लघु सचिवालय पहुंच कर डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। इस दौरान चिलचिलाती धूप में महिलाएं ट्रॉलियों में बैठकर प्रदर्शन कर रही थीं।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पहुंचे किसानों ने कहा कि मुकेश की जलकर मौत हो हुई। इस मामले में बिना जांच करवाए ही निर्जन गांव निवासी संदीप व रायचंदवाला गांव निवासी कृष्ण को 19 जून को गिरफ्तार कर लिया गया। बिना निष्पक्ष जांच के इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में दो तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर आए। इसमें एक वीडियो में जो आग के तुरंत बाद की है। इसमें मुकेश अपनी पत्नी और घर वालों से परेशानी की बात करता है और दूसरे वीडियो में अस्पताल में परिजन मृतक से दबाव बनाकर किसानों का नाम लेने के लिए कहते हैं। इस वीडियो को आधार मान कर पुलिस ने कृष्ण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जबकि संदीप का एफआईआर में नाम ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में पंचायतों व खाप प्रतिनिधियों ने अपने स्तर पर दोनों किसानों की जांच की है। इन लोगों ने कहा कि दोनों किसान निर्दोष हैं। इस मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए। अगर सीबीआई से जांच करवाकर निर्दोष किसानों को रिहा नहीं किया गया तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर खटकड़ टोल से भी किसान जींद पहुुंचे। लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए को ज्ञापन सौंपा। खेड़ा खाप प्रधान सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को बेवजह तंग कर ही है। किसान मन बना चुके हैं कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
किसानों द्वारा निर्जन निवासी संदीप व रायचंदवाला निवासी कृष्ण की मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। डीसी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीसी ने कहा कि इस मामले में संबंधित क्षेेत्र के डीसी व एसपी से बात की है। जल्द ही जो कार्रवाई वह इस मामले में बताएंगे, उसके बारे में किसानों को दो से तीन दिन के अंदर सूचना दे दी जाएगी व मांगपत्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा।
ट्रॉली में बैठकर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind
लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते किसान। संवाद- फोटो : Jind