जींद। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में जिन बीमारियों का इलाज बंद किया है। अब उनका इलाज जिले के नागरिक अस्पताल में शुरू किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने पूरी योजना को अमलीजामा पहना दिया है। इसके लिए सुबह व शाम दोनों शिफ्टों में आप्रेशन किए जाएंगे। इसके लिए चिकित्सकों का भी ड्यूटी रोस्टर बना दिया गया।
नागरिक अस्पताल में 17 से 22 नवंबर तक सर्जिकल शिविर शुरू किया जाएगा। इसमें जिले के ज्यादा से ज्यादा लोगों को उपचार का लाभ देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पूरी योजना की तैयारी को अमलीजामा पहना दिया है। इन तैयारियों को लेकर सीएमओ ने निर्देश जारी किए हैं।
इसमें जिलेभर से 10 गंभीर बीमारियों के इलाज किए जाएंगे। जिनका इलाज पहले निजी अस्पतालों में होता था। अब निजी अस्पतालों में यह इलाज सरकार ने बंद कर दिए हैं।
इसके लिए पांच दिन जिलेभर के संबंधित मरीज अपना पंजीकरण कर ऑप्रेशन करवा सकेंगे। मरीजों की संख्या अधिक होने की स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है। इसके लिए दोनों शिफ्टों में आप्रेशन थियेटर को दो शिफ्टों में चलाने का निर्णय लिया गया है ताकि सर्जरी के मामलों को समय पर निपटाया जा सके।
इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर पहले ही जारी कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य है कि सर्जिकल कैंप में किसी भी मरीज को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े। सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 100 प्रतिशत आयुष्मान स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
12 विशेषज्ञों की लगी ड्यूटी
नागरिक अस्पताल में इन बीमारियों का उपचार करने के लिए 12 विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई गई है। इनके लिए अलग-अलग ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है ताकि किसी भी समय इन लोगों का उपचार किया जा सके। इन पांच दिनों के लिए सभी चिकित्सकों की ड्यूटी दो शिफ्टों में लगाई गई है।
इन बीमारियों के होंगे आप्रेशन
17 से 22 नवंबर तक नागरिक अस्पताल में दूरबीन के सभी प्रकार के ऑप्रेशन, हड्डियों के आप्रेशन, आंखों के मोतियाबिंद का आप्रेशन, बच्चेदानी का आप्रेशन, हार्निया, अपेंडिक्स, टाॅंसिल का आप्रेशन, कान के पर्दे का, गला व जीब की गांठ का उपचार, अंडकोष में पानी भरने का ऑपरेशन किया जाएगा।
अस्पताल में बना हेल्प डेस्क
मरीजों की सहायता के लिए अस्पताल परिसर में एक अलग हेल्प डेस्क बनाया गया जाएगा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सब-सेंटरों के अधिकारियों एवं स्टाफ को सिविल सर्जन कार्यालय के माध्यम से निर्देश भी भेजा गया है कि वह अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को सर्जिकल कैंप का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
वर्जन
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना है। जिन बीमारियों का उपचार निजी अस्पतालों में सरकार ने बंद किए हैं। अब उनको नागरिक अस्पताल में बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। -डॉ. रघुवीर सिंह पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल, जींद