जींद। नगर परिषद के तहत 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं, जिनको परिवार पहचान पत्र (पीपीपी)से लिंक करना है, ताकि भविष्य में किसी की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद नहीं हो। वहीं कोई दूसरा व्यक्ति मिलीभगत करके किसी की प्रॉपर्टी को अपने नाम नहीं चढ़ावा ले। नगर परिषद को सक्षम युवा नहीं मिलने के कारण यह कार्य अटक गया है। अभी तक केवल पांच प्रतिशत यानी 3500 के आसपास ही प्रॉपर्टी आईडी पीपीपी से लिंक हो पाई हैं। नगर परिषद प्रशासन सक्षम युवा मिलने का इंतजार कर रहा है।
मार्च महीने में असेस्मेंट नोटिस के बाद शहरवासियों ने आपत्तियां दर्ज करवाते समय परिवार पहचान पत्र आईडी नगर परिषद में ही जमा करवाई थी। उस समय करीब चार हजार आपत्तियां दर्ज हुई थी। इसके बाद प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से लिंक करने का काम शुरू हुआ। यह कार्य एक-दो दिन ही चला था तो सक्षम युवाओं का समय पूरा हो गया। इसके बाद नगर परिषद ने फिर से 100 सक्षम युवाओं की मांग की ताकि प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से लिंक किया जा सके लेकिन अभी तक नगर परिषद को सक्षम युवा नहीं मिले हैं। नरवाना व उचाना में सक्षम युवाओं का हाजिरी पोर्टल पर उपलोड नहीं करने के कारण यह समस्या पैदा हुई। जब तक उन युवाओं के मामले का समाधान नहीं हो जाता, तब तक नगर परिषद जींद को सक्षम युवा नहीं मिल पाएंगे।
लोग नगर परिषद कार्यालय के लगा रहे चक्कर
अपनी प्रॉपर्टी आईडी को पीपीपी से लिंक करवाने के लिए शहर के लोग नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। यहां कर्मचारियों की कमी होने के कारण यह कार्य नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद प्रशासन अब सक्षम युवाओं का इंतजार कर रहा है। उनके आने के बाद ही प्रॉपर्टी आईडी पीपीपी से लिंक हो पाएगी। काफी लोगों को यह भय है कि जब तक उनकी प्रॉपर्टी आईडी पीपीपी से लिंक नहीं होगी, उनको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
आईडी लिंक नहीं हुई तो सेवाएं होंगी बाधित
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि यदि शहरवासी प्रॉपर्टी आईडी से परिवार पहचान पत्र आईडी को लिंक नहीं करवाएंगे तो उन्हें आने वाले समय में नगर परिषद की सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
डाटा में आएगी पारदर्शिता
प्रॉपर्टी आईडी से परिवार पहचान पत्र के लिंक हो जाने से डाटा में पारदर्शिता आने का दावा किया जा रहा है। रजिस्टरों में दर्ज रिकार्ड से भी कई बार छेड़छाड़ हो जाती है। ऐसा ही मामला कुछ समय पहले ही सामने आया था। उम्मीद जताई जा रही है पीपीपी से प्रॉपर्टी आईडी लिंक होने के बाद इस तरह के मामले नहीं होंगे।
पीपीपी से प्रॉपर्टी आईडी लिंक करने के लिए 100 सक्षम युवाओं की मांग की गई है। सक्षम युवा मिलने के बाद जल्द ही सभी प्रॉपर्टी आईडी लिंक करवा दी जाएंगी। फिलहाल 70 हजार आईडी में से पांच प्रतिशत के आसपास ही पीपीपी से लिंक हो पाई हैं।
--सुशील कुमार, ईओ नगर परिषद।