संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित विवादित युवती ने दस माह बाद भी अवॉर्ड नहीं लौटाया है। महिला एवं बाल विकास विभाग विवादित युवती को दो बार नोटिस दे चुका है।
सरकार ने मामले को लेकर महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की थी। नौ जून को महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशालय पंचकूला में छह सदस्यीय कमेटी ने पीड़ितों और युवती को बुलाया था। इस दौरान युवती ने स्वीकार किया था कि उसने दो अधिवक्ताओं के खिलाफ दुष्कर्म की झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी।
युवती के पूरे बयान की वीडियोग्राफी भी हुई थी लेकिन मामले से पूरा पर्दा उठने के बाद भी विवादित युवती से अवॉर्ड वापस नहीं लिया गया है। हालांकि इस मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ दुष्कर्म व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी।
विवादित युवती ने जिनके खिलाफ दुष्कर्म की झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी वह विभाग के अधिकारियों से लेकर महिला आयोग की चेयरपर्सन तक मिल चुके हैं लेकिन फिर भी विवादित युवती के खिलाफ सरकार और विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। विभाग विवादित युवती को अवॉर्ड लौटाने के लिए दो बार नोटिस दे चुका है। वहीं, मिलने वाली सम्मान राशि के ढाई लाख रुपये भी रोक दिए हैं।
आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पंचकूला में मुख्यमंत्री के हाथों नरवाना की युवती को सम्मानित किया गया था लेकिन यह मामला विवादों में आ गया। सफीदों निवासी सुनील ने महिला पुलिस थाना में शिकायत दी थी कि युवती ने उनके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज करवाया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने विवादित युवती के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
छह सदस्यीय कमेटी ने भेजा था युवती का नाम
आठ मार्च को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित करवाने के लिए तत्कालीन एडीसी विवेक आर्य की अध्यक्षता में में छह सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने विवादित युवती को सम्मानित करवाने के लिए उसकी फाइल बिना जांच पड़ताल के पंचकूला भेज दी थी। हालांकि कई ऐसे आवेदन भी आए थे, जिन्होंने सामाजिक कार्याें में काफी योगदान दिया है लेकिन कमेटी की लापरवाही से विवादित युवती को सम्मानित करवा दिया था।
दुष्कर्म के झूठे मामलों पर आया था चेयरपर्सन का बयान
पिछले दिनों महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज होने वाले मामलों पर बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि जो महिलाएं फर्जी यौन शोषण और दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाने वाली महिलाओं को बख्शा नहीं जाएगा। निर्दोष लोगों की छवि खराब करने वाली महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।