30जेएनडी16-नहर पर बने अस्थाई पुल से सिलिंडरों को गुजारते हुए। संवाद
नरवाना(जींद)। गुजरात के कांडला से पानीपत तेल रिफाइनरी के लिए ले जाए जा रहे 800 टन वजनी विशाल दो सिलिंडरों को बुधवार दोपहर सिरसा ब्रांच नहर पर बनाए गए अस्थाई पुल से गुजारा गया। रविवार को दोनों सिंलिडर हिसार रोड से लाकर सिरसा ब्रांच नहर के पास हिसार चंडीगढ़ फ्लाईओवर के पास रोका गया था।
पिछले करीब एक महीने से सिरसा ब्रांच नहर के ऊपर एक अस्थाई पुल बनाया जा रहा था, जिसका कार्य मंंगलवार देर रात तक पूरा किया गया। सिलिंडरों को पुल से गुजारने से पहले साथ चल रहे सात भारी भरकम ट्रकों को 24 घंटे से पुल के ऊपर ही खड़ा किया गया था ताकि पुल की मजबूती का अंदाजा लग सकें या किसी प्रकार की खामी के बारे में पता चल सके। बुधवार को दोनों सिलिंडरों को पुल से निकालने के लिए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने नारियल फोड़कर कार्य शुरू किया। शुरुआत में विशाल सिलिंडर के आगे तीन ट्रक लगाए गए थे, लेकिन सिलिंडरों का वजन ज्यादा होने से तीनों ट्रक खींचने में असमर्थ रहे। उसके बाद कर्मचारियों द्वारा कुछ देर तक कार्य रोका गया और तीन ट्रक और जोड़े गए, जिसके बाद सिलिंडर को नहर पर बने पुल पर लाया गया। जैसे ही सिलिंडर नहर के दूसरी तरफ पहुंचे तो कर्मचारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी। अब दिवाली के बाद इन दोनों सिलिंडरों को पानीपत तेल रिफाइनरी में ले जाया जाएगा। बद्दोवाल प्लाजा पर दो और ऐसे ही बड़े सिलिंडर वाले ट्रक खड़े हुए हैं, जिनको भी पानीपत ले जाया जाएगा।
वर्जन
सिलिंडरों के पुल से गुजारने से पहले बेहद चिंता थी। बुधवार को नहर पर बने अस्थाई पुल से दोनों सिलिंडरों को गुजारा गया। अब पानीपत तक लगभग एक से डेढ़ महीना ओर लगेगा। टीम में करीब 60 कर्मचारी साथ चल रहे हैं।
-कालीदास वरूडकर, परिवहन प्रबंधक, प्रिज्म लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई