परिवहन विभाग ने कोरोना संक्रमण का हवाला देकर जून 2020 में टोल टैक्स के रेट बढ़ाए थे। अगस्त में स्थिति सामान्य होने के बाद विभाग ने बसों में क्षमता के अनुसार सीटों के हिसाब से यात्रियों को बैठाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी बसों में यात्रियों से टोल टैक्स के नाम पर लिए जा रहे अतिरिक्त कर के साथ वसूली हो रही है। परिवहन विभाग ने यह कहकर टोल टैक्स के रेट में बढ़ोतरी की थी कि बढ़ा हुआ टोल रेट कोरोना संक्रमण के दौरान स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेगा। इसके बाद फिर से पहले वाले टोल रेट लागू होंगे। जबकि किसान आंदोलन के कारण पिछले सात महीने से टोल प्लाजा बंद पड़े हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान टोल टैक्स रेट में बढ़ोतरी कर यात्रियों पर दोहरी मार पड़ी। इससे पहले जब मई 2020 में रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया गया था तो 100 किलोमीटर तक एक रुपये व इसके बाद 105 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लेने के आदेश दिए गए थे। इसके चलते जींद से हिसार, नरवाना, दिल्ली व चंडीगढ़ रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
नरवाना के लिए पहले यात्रियों को जींद से 45 रुपये देने पड़ते थे जो टोल टैक्स में बढ़ोतरी के बाद 48 रुपये हो गए थे। वहीं जींद से चंडीगढ़ के लिए 230 रुपये की जगह 235 रुपये किराया वसूला जा रहा है। गुरुग्राम के लिए 154 रुपये की जगह 159 रुपये और हिसार के लिए 83 रुपये की जगह 87 रुपये किराया लिया जा रहा है। टोल रोड शुरू होने के बाद पहले एक से 15 किलोमीटर तक दो रुपये टोल लिया जाता था जो कोरोना संक्रमण के दौरान जून 2020 में दो रुपये से बढ़ाकर तीन रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार 16 से 25 किलोमीटर तक तीन रुपये की जगह पांच रुपये व 26 से 30 किलोमीटर तक चार की जगह सात रुपये, 31 से 50 किलोमीटर तक पांच रुपये की जगह 12 रुपये, 51 से 70 किलोमीटर तक छह रुपये की जगह दस रुपये, 71 से 90 किलोमीटर तक सात रुपये की जगह 12 रुपये, 91 से 110 किलोमीटर तक आठ रुपये की जगह 13 रुपये, 111 से 130 किलोमीटर तक नौ रुपये की 15 रुपये, 131 से 150 किलोमीटर तक दस रुपये की जगह 17 रुपये, 150 से 171 किलोमीटर तक 11 रुपये की जगह 18 रुपये और 171 किलोमीटर से ऊपर 12 रुपये की जगह 20 रुपये टोल टैक्स वसूला जा रहा है।
यह मुख्यालय व सरकार स्तर का मामला है। मुख्यालय व सरकार की ओर से जो निर्देश आएंगे, उन्हें अमल में लाया जाएगा। अभी बढ़े हुए टोल रेट वापस लेने के मुख्यालय व सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं आए हैं। डिपो अधिकारियों का प्रयास है कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाए। यात्रियों की संख्या के अनुसार विभिन्न रूटों पर बसों का परिचालन हो रहा है। -वीरेंद्र सिंह, टीएम, जींद डिपो।