13जेएनडी 33: नागरिक अस्पताल के शव गृह के पास बंद हालात में पड़ा शौचालय। मरीज
जींद। नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से पुराने भवन का जीर्णोद्धार तो किया जा रहा है लेकिन एडीसी की ओर से वर्ष 2011 में बनाए गए शौचालय की तरफ कोई ध्यान नहीं है। शव गृह के पास 11 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाए गए थे। निर्माण के कुछ दिन तक तो इस शौचालय का रखरखाव ठीक से रखा गया। फिर इसको बंद कर दिया गया।
मरीजों की मांग पर लगभग दो वर्ष पहले भी इन शौचालयों का ताला लगभग सालों बाद खोला गया था। इसके कुछ समय बाद ही इनको फिर से बंद कर दिया गया। अब इस शौचालय की व्यवस्था ठीक से न होने के चलते यह उपयोग लायक भी नहीं है।
ऐसे में अस्पताल में आने वाले लोगों ने शौचालय व्यवस्था को लेकर रोष जताया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से ज्यादा मरीज आते हैं। इसके अलावा अन्य कार्यों के लिए व शव गृह के पास भी आए दिन लोगों की भीड़ लगी रहती है। यहां कोई आधार कार्ड अपडेट करवाने तो कोई अन्य कार्य के लिए आता है। यहां पर शौचालय बंद होने के कारण हर महिलाओं व पुरुषों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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शव गृह के पास बनाए गए शौचालय व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड व लैब भी है। रात के समय आपातकालीन स्थिति में मरीज व उनके परिजनों को इमरजेंसी वार्ड में रुकना पड़ता है। वहीं लैब में मरीजों के सैंपल लेकर जांच होती है। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों का कहना है कि शौचालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। शौचालय को लेकर संबंधित विभाग से पत्राचार किया गया है। प्रयास किया जाएगा कि शौचालय को ठीक करवाया जाए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। -डॉ. रघुबीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।