07जेएनडी22: नागरिक अस्पताल में बंद किया गया शौचालय। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में 14.90 करोड़ रुपये से चल रहे जीर्णोंद्धार के दौरान शौचालयों की दशा को सुधारा जा रहा है। इसके चलते पुराने भवन में बने सभी शौचालयों को एक साथ बंद कर दिया गया। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक साथ सभी शौचालयों को तोड़ने से प्रतिदिन अस्पताल के पुराने भवन में उपचार के लिए आने वाले मरीजों व उनके तामीरदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर पहले से बंद पड़े शौचालय का सुधार कर खोल दिया जाता तो यह परेशानी नहीं होती।
अब अस्पताल लापरवाही के कारण पुरानी बिल्डिंग में इमरजेंसी के पास एक भी शौचालय खुला नहीं है। वहीं शव गृह के पास बनाए गए शौचालय पर तो ताले लटके हुए हैं। ऐसे में मरीजों को शौच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सभी शौचालयों को एक साथ तोड़ दिया।
अस्पताल आने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। महिलाएं इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण उन्हें असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। शव गृह के पास ही वर्ष 2011 में 11 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाया गया था।
शुरू में तो इस शौचालय का रखरखाव ठीक से रखा गया। फिर इसे बंद कर दिया गया। बाद में आमजन के दबाव में इसे खोला भी गया लेकिन अब इस शौचालय की व्यवस्था ठीक से न होने के चलते यह उपयोग लायक भी नहीं है।
वर्जन
अस्पताल में शौचालय को लेकर हो रही परेशानी का मामला उनके संज्ञान में है। इनको जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जा रहा है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। -डॉ. रघुबीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद