जींद। गणेश चतुर्थी 7 सितंबर से मनाई जाएगी। पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है। श्री गणेश महोत्सव मंडल जींद पिछले 23 साल से सत्यनारायण मंदिर, सुनार मार्केट में गणपति महोत्सव मना रहा है। इसको लेकर सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
श्री गणेश महोत्सव मंडल ने रोहतक से गणेशजी की लगभग साढ़े पांच फुट की मूर्ति मंगवाई है। इसको शनिवार को स्थापित किया जाएगा। इसके बाद शाम को भगवान गणेश की आरती की जाएगी। रात में कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। 10 सितंबर तक शाम और रात को आरती तथा कीर्तन का कार्यक्रम होगा। 11 सितंबर को 4 बजे हांसी ब्रांच नहर में मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। यदि नहर में पानी नहीं आया तो मूर्ति का विसर्जन नरवाना स्थित सिरसा ब्रांच नहर में होगा। इससे पहले भी दो बार नरवाना की सिरसा ब्रांच नहर में मूर्ति का विसर्जन किया जा चुका है।
जींद शहर में दो दशक पहले महाराष्ट्र से 40-50 परिवार आकर बसे थे, जोकि सराफा बाजार में कारीगर के तौर पर काम करते हैं। वह गणपति विसर्जन से पहले श्री गणेश की मूर्ति स्थापित करते थे। धीरे-धीरे शहर के लोग भी गणेश महोत्सव में शामिल होने लगे। शुरुआत में गणेशजी की मूर्ति पांच-सात किलोग्राम की होती थी। धीरे-धीरे उनका आकार और वजन भी बढ़ता चला गया। अब गणेशजी की मूर्ति का वजन एक क्विंटल और लंबाई भी साढ़े पांच फुट हो गई है।
मंडल के दस सदस्य निभा रहे परंपरा
शुरुआत से ही दस सदस्य गणेश विसर्जन कार्यक्रम की परंपरा को निभा रहे हैं। सराफा बाजार के दुकानदारों ने मिलकर 23 साल पहले श्रीगणेश महोत्सव मंडल संस्था बनाई थी। इसके पहले प्रधान नरेश सोनी थे। इस संस्था में दस सदस्य हैं। इनके नेतृत्व में हर साल गणपति महोत्सव मनाया जाता है। शुरुआत में गणेश जी की मूर्ति दिल्ली से लाई जाती थी, लेकिन अब वह रोहतक से आती है, जिस पर खर्च भी 10-12 हजार रुपये का आता है।
श्रीगणेश महोत्सव मंडल के प्रधान भारत भूषण रिंकू ने बताया कि गणपति महोत्सव की तैयारी कर ली गई है। शनिवार को 4 बजे मूर्ति की स्थापना की जाएगी। प्रतिदिन शाम को आतरी होगी। 11 सितंबर को सुबह आठ बजे हवन होगा। दोपहर में 12 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद ढाई बजे बजे विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम चार बजे गणेशजी की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।