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आज से सिर्फ बैंक में जमा हो सकेंगे 500 के पुराने नोट

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कैश के लिए ओबीसी के बाहर लाइन में लगे उपभोक्ता। - फोटो : bureau
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नोट बंदी के बाद करेंसी के लिए तरस रहे लोगों के लिए अब और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कारण यह है कि पुराने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट का मार्केट में बंद होना। सरकार ने पुराने 500 और 1000 के नोटों से दवा खरीदने, पेट्रोल भरवाने सहित कई प्रकार के कामों में 15 दिसंबर तक की छूट दी थी। यह समय सीमा भी अब समाप्त हो गई है। वहीं नोटबंदी के 36 दिन बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। जिले भर के 139 बैंकों में से अधिकतर खाली रहे। अब तक सबसे अधिक कैश देने वाले एचडीएफसी बैंक से भी वीरवार को कैश नहीं मिला। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं लोगों को अब जरूरी कामों के लिए भी कैश नहीं मिल रहा है। जिले में 139 बैंक व 131 एटीएम हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को कैश की पूर्ति नहीं हो पा रही है। छोटे भुगतान के लिए हालांकि 20 से 30 प्रतिशत लोग अब पेटीएम का प्रयोग करने लगे हैं, लेकिन बड़े भुगतान के लिए इसका प्रचलन नहीं हुआ है। ऐसे में बाजार भी मंदी की चपेट में आ रहा है। अधिक सामान के लिए दो-दो हजार रुपये का भुगतान भी हो जाता है, लेकिन लोगों के पास पैसे की भारी की किल्लत है। एक बार में बैंकों से दो से छह हजार रुपये तक ही राशि निकल रही है। इससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।
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11 एटीएम हुए अपग्रेड, चले 28
जिले में प्रतिदिन करीब 40 करोड़ रुपये की मांग है, लेकिन महज एक करोड़ रुपये ही जींद जिला को मिल रहे हैं। वहीं बैंक अभी तक अपने एटीएम को भी नए नोटों के हिसाब से अपग्रेड नहीं कर पाए हैं। एलडीएम कार्यालय के अनुसार 121 में से 110 एटीएम ही अपग्रेड हुए हैं। अपग्रेड हुए करीब 80 एटीएम को भी अभी करेंसी का इंतजार है।

अलेवा में बैंक मैनेजर बोले प्रति आढ़ती दिए जाएंगे 50 हजार
एचडीएफसी बैंक की शाखा से पैसे नहीं मिलने से परेशान व्यापारी एसोसिएशन की एक बैठक एसोसिएशन के प्रधान रामदिया लोहान की अध्यक्षता में हुई। व्यापारियों ने कहा कि अनाज मंडी के अधिकतर व्यापारियों ने अलेवा एचडीएफसी शाखा में अपनी फर्मों के खाते खुलवाए हुए हैं, लेकिन एचडीएफसी के शाखा प्रबंधक द्वारा व्यापारियों को कम कैश देकर अन्य उपभोक्ताओं में ज्यादा कैश वितरित किया जा रहा हैं। लगभग घंटाभर चली बैठक में व्यापारियों ने सर्वसम्मति से शाखा प्रबंधक को बुलाने का फैसला लिया है। बैठक में पहुंचे शाखा प्रबंधक के साथ आढ़तियों की कई दिन बाद भी कम कैश मिलने को लेकर काफी देर तक बहस हुई। अनाज मंडी के लगभग सभी व्यापारियों के खाते एचडीएफसी की अलेवा शाखा मेें होने के कारण कैश कम मिलने से भारी परेशानी हो रही है। व्यापारियों के साथ काफी देर तक तकरार होने के बाद शाखा प्रबंधक कुलविंद्र दलाल ने कैश आने पर सभी व्यापारियों को प्रति आढ़ती पचास हजार रुपये देने का वादा करने के बाद ही मामला शांत हो सका। उन्होंने कहा कि बड़ी शाखा से कैश आने के अनुसार प्रतिदिन दस व्यापारियों को पचास हजार रुपये कैश दिया जाएगा। बैठक में राजबीर लोहान, किताब सिंह रेढू, कृष्ण कुमार, रामपाल शर्मा, पाल्लू राम, कुलदीप लोहान समेत अनाज मंडी के अधिकतर व्यापारी मौजूद रहे।
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नहीं मिल रहा कैश
जरूरत के अनुसार बैंकों को कैश नहीं मिल रहा है। इसके चलते ही बैंक अपनी व्यवस्था बनाने के लिए दो से छह हजार रुपये तक की राशि दे रहे हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों को पैसे मिल जाते हैं। अभी पूरी एटीएम अपग्रेड नहीं हुई हैं, लेकिन जो अपग्रेड हैं, उनके लिए भी बैंकों के पास कैश नहीं है।
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मिथिलेश कुमार झा, एडीएम
 
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