शहर के हुडा कॉम्प्लेक्स में समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टीपर्पज को ऑपरेटिव सोसायटी के नाम से कार्यालय खोलकर बीमा, आरडी व एफडी पर ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर 7 साल में एक परिवार के तीन सदस्यों के 7.51 लाख रुपये हड़प कर फरार होने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने कंपनी के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हकीकत नगर के देवेंद्र कुमार ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रेडिमेड कपड़े की दुकान चलाता है। 20 अगस्त 2013 में उसने एलआईसी के पास स्थित हुडा कॉप्लेक्स में स्मृद्ध जीवन मल्टीस्टेट मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कार्यालय था। वहां पर सोसायटी के चेयरमैन महाराष्ट्र के पुणे की काशीनाथ पाटिल नगर निवासी महेश किसान मोतेवार, प्रबंध निदेशक प्रसाद प्रकाश छिदरावर और शाखा प्रबंधक सुशील कुमार जांगीर ने कई योजनाओं के बारे में उनको बताया था। फिर उन्होंने 500 रुपये महीना 5 वर्ष के लिए योजना शुरू की थी। योजना के तहत समय पूरा होने पर मूलधन राशि का लगभग डेढ़ गुना पैसा मिलना था। उसने 39 महीने 28 जून 2017 तक ही किस्त जमा करवाई। इस दौरान उसने मूलधन राशि 19500 रुपये जमा करवाए थे। उसके बाद 28 फरवरी 2015 को एक अन्य खाता और खुलवाया, जिसमें 15 हजार रुपये 5 वर्ष के लिए दिए थे। तीसरा खाता उसकी पत्नी बलजीत ने 21 अक्तूबर 2013 को 30000 रुपये सालाना खुलवाया था। इसके अलावा एक खाता 25 अक्तूबर 2013 को 500 रुपये महीना की योजना के अंतर्गत 5 वर्ष के लिए खुलवाया था। उन्होंने सोसायटी में अलग-अलग योजनाओं के परिवार के तीन सदस्यों के कुल पांच खाते खुलवाए थे। इन योजनाओं के माध्यम से कुल राशि 7.51 लाख रुपये जमा करवाए गए थे। फिर वह 19 अगस्त 2020 को सुबह जब योजना पूरी होने के बाद शाखा जींद में गए तो सोसायटी तथा उसके कर्मचारी वहां नहीं मिले। सोसायटी के स्थान पर वहां रेस्टोरेंट खुला हुआ मिला। उनको बाद में पता चला कि सोसायटी के अधिकारी कार्यालय को बंद कर वहां से भाग गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टीपर्पज को ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड और सोसायटी के चेयरमैन महाराष्ट्र के पुणे शहर की काशीनाथ पाटिल नगर निवासी महेश किसान मोतेवार, प्रबंध निदेशक प्रसाद प्रकाश छिदरावर और शाखा प्रबंधक सुशील कुमार जांगीर ने उनके साथ विश्वासघात करके धोखाधड़ी कर लाखों रुपये हड़पे हैं। जांच अधिकारी एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कंपनी के तीन लोगों को नामजद कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी कर राशि हड़पने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।