17जेएनडी07: बलबीर सिंह राठी की तीन गजल पुस्तकों के लोकार्पण समारोह में मौजूद लेखक। स्रोत आयोजक
जींद। जाट धर्मशाला में जनवादी लेखक संघ, ज्ञान विज्ञान समिति और सुमन व राठी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व प्राचार्य बलबीर सिंह राठी की तीन पुस्तकों का लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता विजय शर्मा ने की जबकि मंच संचालन सोहनदास ने किया।
मुख्य समीक्षक के रूप में कुरुक्षेत्र से पधारे पूर्व प्रिंसिपल ओमप्रकाश करुणेश ने कहा कि बलबीर राठी की गजलों में सादगी, रवानगी और हादसों से जूझने का गजब तालमेल है जिसमें दुष्यंत कुमार और फैज अहमद फैज की झलक मिलती है। इन किताबों का उर्दू से हिंदी में अनुवाद करने वाले शायर महावीर सिंह दुखी ने ऑडियो संदेश के जरिए राठी को एक तरक्की पसंद शायर बताया।
ज्ञान विज्ञान समिति के राज्याध्यक्ष प्रमोद गौरी और डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि राठी साहब की गजलों का इश्क आम जनमानस से था। समारोह में अपूर्वा, अंकित, चमन और आदर्श ने राठी साहब की गजलों का गायन किया।
इस दौरान उनकी बेटी सुमन, पुत्रवधु वर्षा और पोती अपूर्वा ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में हरपाल गाफिल, जगमति सांगवान और वीरेंद्र जेपी और लेखक मौजूद रहे।